{"_id":"67f4c1862c5d0496a40aafab","slug":"telangana-hc-upholds-death-penalty-to-5-convicts-in-2013-hyderabad-bomb-blast-case-2025-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Telangana: 2013 हैदराबाद बम धमाके मामले में पांच दोषियों की मौत की सजा बरकरार, तेलंगाना हाईकोर्ट का अहम फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Telangana: 2013 हैदराबाद बम धमाके मामले में पांच दोषियों की मौत की सजा बरकरार, तेलंगाना हाईकोर्ट का अहम फैसला
Tue, 08 Apr 2025 11:56 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 08 Apr 2025 11:56 AM IST
सार
एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने इसे दुर्लभतम मामला मानते हुए पांच दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। दोषियों की ओर से दायर अपीलों पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने पांच आईएम आतंकियों की मौत की सजा को बरकरार रखा। एनआईए ने 4,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के पांच आतंकवादियों कर मौत की सजा बरकरार रखी। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के सजा-ए-मौत के फैसले को बरकरार रखा। आतंकी 2013 में हैदराबाद में हुए बम विस्फोट मामले में शामिल थे, जिसमें 18 लोग मारे गए थे और 131 लोग घायल हुए थे।
विज्ञापन
पीठ ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति के. लक्ष्मण और जस्टिस पी. श्री सुधा की पीठ ने एनआईए अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए आईएम आतंकवादियों की ओर से दायर आपराधिक पुनरीक्षण अपील को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, 'ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई सजा की पुष्टि की जाती है।'
विज्ञापन
फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे: वकील
इससे पहले 13 दिसंबर, 2016 को एनआईए कोर्ट ने आईएम के सह-संस्थापक मोहम्मद अहमद सिदीबापा उर्फ यासीन भटकल, पाकिस्तानी नागरिक जिया-उर-रहमान उर्फ वकास, असदुल्ला अख्तर उर्फ हड्डी, तहसीन अख्तर उर्फ मोनू और एजाज शेख सहित पांच सदस्यों को दोषी ठहराया था। शहर के भीड़भाड़ वाले शॉपिंग क्षेत्र दिलसुखनगर में 21 फरवरी 2013 को दो घातक विस्फोट हुए। आरोपी में से एक के वकील ने संवाददाताओं से कहा कि वे फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- 'अतिरिक्त शिक्षक पदों की CBI जांच नहीं', शीर्ष अदालत ने ममता सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश को खारिज किया
क्या है मामला?
शहर के भीड़भाड़ वाले शॉपिंग इलाके दिलसुखनगर में 21 फरवरी, 2013 को दो घातक विस्फोट हुए थे। पहला विस्फोट बस स्टॉप पर हुआ और दूसरा दिलसुखनगर में एक भोजनालय (ए1 मिर्ची सेंटर) के पास हुआ था।
मुख्य आरोपी रियाज भटकल पाकिस्तान में छिपा
अभियोजन पक्ष के एक वकील ने उच्च न्यायालय में संवाददाताओं को बताया कि एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है, क्योंकि इसमें आतंकवादी गतिविधि शामिल है। हालांकि, इसकी शुरुआत में शहर पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से जांच की गई थी। मुख्य आरोपी रियाज भटकल पाकिस्तान में छिपा हुआ है।
यह भी पढ़ें- 'राज्यपाल का विधेयकों को रोकना अवैध और मनमाना', सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु गवर्नर को फटकार
एनआईए ने 4,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था
एनआईए मामलों की विशेष अदालत ने इसे दुर्लभतम मामला मानते हुए पांच दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। दोषियों की ओर से दायर अपीलों पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने पांच आईएम आतंकियों की मौत की सजा को बरकरार रखा। एनआईए ने 4,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन