Telangana: हरगोपाल और पांच अन्य के खिलाफ UAPA का मामला वापस लेगी सरकार, माओवादियों से संबंध के नहीं मिले सबूत
Telangana: अगस्त 2022 में हरगोपाल और कुछ अन्य के खिलाफ यूएपीए के प्रावधानओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद खूब हंगामा मचा। राज्य सरकार ने हाल ही में पुलिस को मामले से उनके नाम को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
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तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जी हरगोपाल और पांच अन्य के खिलाफ सख्त गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामला वापस लेने का फैसला किया है। इन सभी का नाम भी उन 152 लोगों की सूची में शामिल किया गया था जिन पर प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) पार्टी के कुछ कैडरों से जुड़े होने का आरोप लगाया गया था।
सरकार ने हाल में नाम हटाने का दिया था निर्देश
अगस्त 2022 में हरगोपाल और कुछ अन्य के खिलाफ यूएपीए के प्रावधानओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद खूब हंगामा मचा। राज्य सरकार ने हाल ही में पुलिस को मामले से उनके नाम को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
आरोप हटाकर वापस लिया जाना चाहिए पूरा मामला: हरगोपाल
हरगोपाल ने कहा कि सभी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप हटाकर पूरे मामले को वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि इसमें (यूएपीए) खामियां हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों और जन प्रतिनिधियों से इस कड़े कानून को निरस्त करने के वादे के साथ आने का भी आग्रह किया।
स्थानीय अदालत नाम हटाने के लिए याचिका दायर करेगी पुलिस
वहीं, पुलिस ने कहा कि मुलुगु जिले की एक स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर की जाएगी, जिसमें मानवाधिकार कार्यकर्ता हरगोपाल और पांच अन्य के नाम वापस लेने की मांग की जाएगी। ये छह लोग उन 152 लोगों में शामिल थे, जिनके खिलाफ पिछले साल अगस्त में यूएपीए की धाराओं के तहत तडवई पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
माओवादियों से संबंध के नहीं मिले पर्याप्त सबूत: पुलिस अधीक्षक
मुलुगु के पुलिस अधीक्षक गौश आलम ने कहा, 'अब तक की गई जांच में यह पता चला है कि हरगोपाल, पद्मजा शाह, वी रघुनाथ, गद्दाम लक्ष्मण, गुंटी रविंदर और सुरेश कुमार के खिलाफ इस मामले में संलिप्तता के संबंध में पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं और मामले से उनके नाम हटाने के अनुरोध के साथ अदालत में एक याचिका दायर की जा रही है।'
कुछ और लोगों की भी हुई पहचान, जिनके खिलाफ नहीं सबूत
पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि इस संबंध में अदालत में एक याचिका दायर की जा रही है। उन्होंने कहा, 'जिनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला, उनके नाम हटा दिए जाएंगे। यह सबूत का मामला है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि छह लोगों (हरगोपाल और पांच अन्य जिनके खिलाफ सबूत नहीं मिले) के अलावा, उन्होंने कुछ और लोगों की पहचान की है जिनके खिलाफ मामले में कोई सबूत नहीं मिले हैं।