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Telangana: ओबीसी समुदाय के लिए तेलंगाना सरकार का एलान, शिक्षा, नौकरी और राजनीति में मिलेगा 42 फीसदी आरक्षण
Mon, 17 Mar 2025 07:09 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 17 Mar 2025 07:09 PM IST
सार
सीएम रेवंत रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि तेलंगाना विधानसभा के नेता और मुख्यमंत्री के रूप में पूरी गंभीरता से घोषणा करता हूं कि तेलंगाना में ओबीसी आबादी 56.36 प्रतिशत है। अब हम शिक्षा, नौकरी, रोजगार और राजनीति में इस समूह के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण तय करने का संकल्प ले रहे हैं।
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ए. रेवंत रेड्डी, सीएम, तेलंगाना
- फोटो : ANI
विस्तार
ओबीसी समुदाय के लिए तेलंगाना सरकार ने बड़ा एलान किया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य में शिक्षा, नौकरी और रोजगार तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ओबीसी आबादी को 42 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। अब तक 23 प्रतिशत था।
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि तेलंगाना विधानसभा के नेता और मुख्यमंत्री के रूप में पूरी गंभीरता से घोषणा करता हूं कि हमारे लोगों के सबसे वैज्ञानिक, कठोर और अथक प्रयासों के आधार पर हम कह सकते हैं कि तेलंगाना में ओबीसी आबादी 56.36 प्रतिशत है। अब हम शिक्षा, नौकरी, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में इस समूह के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण तय करने का संकल्प ले रहे हैं। इतिहास के सही पक्ष पर रहें और हम में से हर एक इस ऐतिहासिक कदम का चैंपियन बने।
यह भी पढ़ें: आठवें वेतन आयोग पर आया ताजा अपडेट, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया ऐसा जवाब
उन्होंने लिखा कि तेलंगाना को भारत में सामाजिक क्रांति का नेतृत्व करने पर गर्व है। मुझे गर्व हो रहा है कि भारतीय स्वतंत्रता के बाद से पिछड़े समूहों की सबसे लंबे समय से लंबित मांग, पिछड़ी जातियों से संबंधित हमारे भाइयों और बहनों की आधिकारिक जनगणना में गिनती और मान्यता की इच्छा आखिरकार पूरी हो गई है।
इससे पहले सीएम रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वादा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो ओबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया जाएगा। सत्ता संभालने के तुरंत बाद लोगों की सरकार ने चार फरवरी 2024 को ओबीसी जाति जनगणना शुरू की। पिछली सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 37 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा था। हमारी सरकार पहले के प्रस्ताव को वापस ले रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक अवसरों में ओबीसी के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण का नया प्रस्ताव भेज रही है। सदन के नेता के रूप में मैं आश्वासन दे रहा हूं कि सक्रिय कदम उठाऊंगा और 42 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण हासिल कराऊंगा। सभी दलों के नेताओं से अपील है कि वे एक साथ आएं और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलें। हम ओबीसी आरक्षण को 42 प्रतिशत बढ़ाने के लिए आवश्यक कानूनी सहायता भी लें जब तक पिछड़ी जातियों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल जाता हम शांत नहीं बैठेंगे। हम कामारेड्डी घोषणापत्र के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
यह भी पढ़ें: 'KCR को तेलंगाना का जनक कैसे कहा जा सकता है?' सीएम रेवंत रेड्डी ने BRS नेता की टिप्पणी पर पूछा सवाल
कर्ज के बोझ से दबी है सरकार: सीएम
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने विधान परिषद में कहा कि सरकार कर्ज के बोझ और अन्य कारणों से नकदी की कमी का सामना कर रही है। आरबीआई से 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद कर्मचारियों को वेतन दे रही है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य के भुगतान के संबंध में सहयोग की अपील की। हालांकि वेतन हर महीने की पहली तारीख को दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि हर महीने की पहली तारीख को वेतन देना मुश्किल हो जाता है। मैं सरकारी कर्मचारियों से अपील करता हूं कि वे हर महीने की पहली तारीख को वेतन लेकर सरकार की सेवा करें। कभी-कभी, हमें रिजर्व बैंक से कर्ज लेना पड़ता है। मैंने 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर पहली तारीख को वेतन दिया। सरकार कर्मचारियों की है। मैं वित्तीय स्थिति के संबंध में सभी तथ्य और आंकड़े उनके सामने रखूंगा ताकि वे भुगतान पर अपने विचार दे सकें।
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Telangana is proud to lead the social revolution in #India
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It is my honour to announce the longest pending demand of the subaltern groups since Indian Independence, the yearning of our brothers & sisters belonging to the Backward Castes, on being counted & recognised in an…विज्ञापन विज्ञापन— Revanth Reddy (@revanth_anumula) March 17, 2025
तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि तेलंगाना विधानसभा के नेता और मुख्यमंत्री के रूप में पूरी गंभीरता से घोषणा करता हूं कि हमारे लोगों के सबसे वैज्ञानिक, कठोर और अथक प्रयासों के आधार पर हम कह सकते हैं कि तेलंगाना में ओबीसी आबादी 56.36 प्रतिशत है। अब हम शिक्षा, नौकरी, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में इस समूह के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण तय करने का संकल्प ले रहे हैं। इतिहास के सही पक्ष पर रहें और हम में से हर एक इस ऐतिहासिक कदम का चैंपियन बने।
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उन्होंने लिखा कि तेलंगाना को भारत में सामाजिक क्रांति का नेतृत्व करने पर गर्व है। मुझे गर्व हो रहा है कि भारतीय स्वतंत्रता के बाद से पिछड़े समूहों की सबसे लंबे समय से लंबित मांग, पिछड़ी जातियों से संबंधित हमारे भाइयों और बहनों की आधिकारिक जनगणना में गिनती और मान्यता की इच्छा आखिरकार पूरी हो गई है।
इससे पहले सीएम रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वादा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो ओबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 42 प्रतिशत किया जाएगा। सत्ता संभालने के तुरंत बाद लोगों की सरकार ने चार फरवरी 2024 को ओबीसी जाति जनगणना शुरू की। पिछली सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 37 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा था। हमारी सरकार पहले के प्रस्ताव को वापस ले रही है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक अवसरों में ओबीसी के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण का नया प्रस्ताव भेज रही है। सदन के नेता के रूप में मैं आश्वासन दे रहा हूं कि सक्रिय कदम उठाऊंगा और 42 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण हासिल कराऊंगा। सभी दलों के नेताओं से अपील है कि वे एक साथ आएं और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मिलें। हम ओबीसी आरक्षण को 42 प्रतिशत बढ़ाने के लिए आवश्यक कानूनी सहायता भी लें जब तक पिछड़ी जातियों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल जाता हम शांत नहीं बैठेंगे। हम कामारेड्डी घोषणापत्र के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
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कर्ज के बोझ से दबी है सरकार: सीएम
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने विधान परिषद में कहा कि सरकार कर्ज के बोझ और अन्य कारणों से नकदी की कमी का सामना कर रही है। आरबीआई से 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बाद कर्मचारियों को वेतन दे रही है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से महंगाई भत्ते (डीए) और अन्य के भुगतान के संबंध में सहयोग की अपील की। हालांकि वेतन हर महीने की पहली तारीख को दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि हर महीने की पहली तारीख को वेतन देना मुश्किल हो जाता है। मैं सरकारी कर्मचारियों से अपील करता हूं कि वे हर महीने की पहली तारीख को वेतन लेकर सरकार की सेवा करें। कभी-कभी, हमें रिजर्व बैंक से कर्ज लेना पड़ता है। मैंने 4,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर पहली तारीख को वेतन दिया। सरकार कर्मचारियों की है। मैं वित्तीय स्थिति के संबंध में सभी तथ्य और आंकड़े उनके सामने रखूंगा ताकि वे भुगतान पर अपने विचार दे सकें।
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