फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   How can KCR be called 'Father of Telangana', asks CM Revanth Reddy, BRS News in hindi

Politics: 'KCR को तेलंगाना का जनक कैसे कहा जा सकता है?' सीएम रेवंत रेड्डी ने BRS नेता की टिप्पणी पर पूछा सवाल

Sun, 16 Mar 2025 10:43 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 16 Mar 2025 10:43 PM IST
सार

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस नेता की तरफ से पूर्व सीएम केसीआर को राज्य का जनक कहे जाने पर स्पष्ट रूप से कहा कि तेलंगाना के असली नायक वे हैं जिन्होंने निस्वार्थ भाव से संघर्ष किया, न कि वे जिन्होंने सत्ता में रहते हुए राज्य को लूटा। उन्होंने केसीआर की तुलना महात्मा गांधी से करने को अनुचित बताया और राज्य की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के लिए पूर्व बीआरएस सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

विज्ञापन
How can KCR be called 'Father of Telangana', asks CM Revanth Reddy, BRS News in hindi
ए. रेवंत रेड्डी, सीएम, तेलंगाना - फोटो : ANI

विस्तार

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बीआरएस नेता हरीश राव के उस बयान पर कड़ा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने अपने पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) को 'तेलंगाना का जनक' कहा था। स्टेशन घनपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने पूछा, 'केसीआर की राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से कैसे तुलना की जा सकती है?'
विज्ञापन


केसीआर और महात्मा गांधी की तुलना पर नाराजगी
बीआरएस नेता हरीश राव ने बयान दिया था कि 'केसीआर को 'तेलंगाना का जनक' कहा जाता है, जबकि रेवंत रेड्डी 'गाली देने वाले पिता' के रूप में जाने जाते हैं।' इस पर पलटवार करते हुए सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा, 'महात्मा गांधी ने सादगी भरा जीवन जिया, आश्रमों में रहे और गुजरात में शराबबंदी लागू करवाई। लेकिन क्या यह 'राष्ट्रपिता' (केसीआर) बिना शराब की गंध के सो सकते हैं?'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Telangana: जातिगत सर्वे में विदेशी को शामिल करने पर भड़की भाजपा, कहा- क्या भारत में योग्य विशेषज्ञ नहीं?
विज्ञापन
विज्ञापन


गांधीजी ने दलितों के उत्थान के लिए काम- सीएम
सीएम रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि गांधीजी ने दलितों के उत्थान के लिए काम किया, जबकि केसीआर सैकड़ों एकड़ के फार्महाउस में रहते हैं। इस तरह की तुलना का कोई आधार होना चाहिए।

तेलंगाना आंदोलन के असली नायक कौन?
सीएम रेवंत रेड्डी ने कहा कि 'तेलंगाना आंदोलन के असली नायक प्रोफेसर के. जयशंकर और कोंडा लक्ष्मण बापूजी हैं, जिन्होंने बिना किसी पद की लालसा के संघर्ष किया। लेकिन केसीआर ने तो राज्य को लूटा है, वह 'तेलंगाना का जनक' कैसे हो सकते हैं?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'केसीआर ने एक समृद्ध राज्य की सत्ता संभाली थी, लेकिन कांग्रेस को एक कर्ज में डूबा हुआ राज्य सौंपा।'

यह भी पढ़ें - Telangana tunnel: सुरंग में फंसे सात लोगों को ढूंढने की कोशिशें जारी, रोबोट्स की मदद से हटाई जा रही मिट्टी


तेलंगाना की बिगड़ती आर्थिक स्थिति
वहीं तेलंगाना की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर सीएम रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति गंभीर है। राजस्व में गिरावट आई है। सरकार ने जो बजट पेश किया था, उसमें अनुमानित आय नहीं हुई। 31 मार्च तक तेलंगाना का बजट 70,000 करोड़ रुपये के घाटे में रहेगा। उन्होंने बताया कि 2024-25 के लिए तेलंगाना सरकार ने 2.91 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, लेकिन अब आर्थिक संकट बढ़ रहा है।

रेवंत ने यूट्यूबरों को धमकाया, कहा-नंगा करके पिटाई करा दूंगा
साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोशल मीडिया पर ट्रोल करने वाले यूट्यूबरों को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को नंगा करके पिटाई करवा दूंगा। मुख्यमंत्री रेड्डी के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के डीएनए में आपातकाल है। अपने परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामले में दो महिला पत्रकारों की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री रेड्डी ने शनिवार को विधानसभा में कहा, हम सार्वजनिक जीवन में हैं और आलोचना के लिए तैयार हैं, लेकिन हमारे परिवार के सदस्यों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? ऐसा मत सोचो कि मैं मुख्यमंत्री होने के कारण चुप हूं। मैं तुम्हें नंगा कर दूंगा और तुम्हारी पिटाई करवा दूंगा। मेरे कहने पर लाखों लोग तुम्हें पीटने के लिए सड़कों पर उतर आएंगे। संविधान के प्रति मेरा सम्मान है, इसलिए मैं चुप हूं।  एजेंसी

इंदिरा ने मीडिया पर सेंसरशिप थोपा
मुख्यमंत्री रेड्डी के बयान को लेकर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, कांग्रेस के डीएनए में आपातकाल है। इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी ने मीडिया पर सेंसरशिप लगाया था। पंडित नेहरू ने पहला संशोधन पेश किया, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया। राजीव गांधी ने मीडिया विरोधी दो विधेयक पेश किए।



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed