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Hyderabad: हैदराबाद में 175 करोड़ की धोखाधड़ी का पर्दाफाश, SBI शाखा का पूर्व प्रबंधक समेत अब तक चार गिरफ्तार
Thu, 29 Aug 2024 08:34 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 29 Aug 2024 08:34 AM IST
सार
साइबर सिक्यूरिटी ब्यूरो की टीम को शम्सीरगंज में सरकारी बैंक के छह खातों के खिलाफ 600 शिकायतें मिली थीं। जांच करने पर सामने आया कि 175 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है।
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हथकड़ी, arrest
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हैदराबाद में 175 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (टीजीसीएसबी) ने बुधवार को एसबीआई शाखा के एक पूर्व प्रबंधक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया। इस घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर पहले भी दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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पैसे को इधर-उधर करके घोटाले को अंजाम
तेलंगाना साइबर सिक्यूरिटी ब्यूरो ने बताया कि बुधवार को शम्सीरगंज एसबीआई शाखा के पूर्व प्रबंधक मधु बाबू गली एवं 34 वर्षीय जिम ट्रेनर उपाध्याय संदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। टीजीसीएसबी की निदेशक शिका गोयल ने कहा कि 49 साल के मधु ने कथित तौर पर चालू खाते खोलकर और पैसे को इधर-उधर करके घोटाले को अंजाम दिया। उसके साथ शर्मा भी शामिल था।
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कमीशन के लिए पूरी ठगी
ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि शम्सीरगंज में बैंक शाखा प्रबंधक ने ठगों के साथ मिलीभगत कर चालू बैंक खाते खोलने, पैसे निकालने और उन पैसों की हेराफेरी करने में मदद पहुंचाई और यह सब करने के पीछे उसकी एक मंशा कमीशन पाना था।
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600 से अधिक शिकायतें मिलीं
‘साइबर सिक्यूरिटी ब्यूरो’ की डेटा विश्लेषण टीम को शम्सीरगंज में सरकारी बैंक के छह खातों के खिलाफ ‘नेशनल साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर 600 शिकायतें मिलीं और उनका सावधानपूर्वक विश्लेषण करने पर यह सामने आया कि इस साल मार्च और अप्रैल की महज दो महीने की अवधि में इन खातों के जरिए काफी अधिक रकम का लेन-देन किया गया। बाद में और जांच करने पर पाया कि 175 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है।
सरगना दुबई में फरार
पुलिस ने इस मामले में पहले दो आरोपियों मोहम्मद शोएब तौकीर और महमूद बिन अहमद बवजीर को गिरफ्तार किया था, जबकि दुबई में सरगना फरार है। पुलिस ने कहा कि मुख्य ठग के निर्देश पर आरोपियों ने कमीशन का लालच देते हुए कुछ गरीबों को इस साल फरवरी में बैंक की शम्सीरगंज शाखा में छह बैंक खाते खोलने के लिए राजी किया। मार्च और अप्रैल में इन छह खातों में कुल 175 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
शोएब ने बैंक खाते खोलने और दस्तावेज तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। खाते खोलने के बाद, खाताधारकों के हस्ताक्षर चेक पर लिए गए थे। कुछ पैसे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए दुबई भेजे गए थे। सहयोगियों ने मुख्य ठग के निर्देशों का पालन करते हुए पैसे निकाले और अपने एजेंटों के माध्यम से व्यक्तियों को बांट दिए।