सियासत: अय्यर के बाद एक और कांग्रेस नेता का छलका पाकिस्तान प्रेम? पुलवामा हमले की जवाबी कार्रवाई पर उठाए सवाल
तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने पुलवामा घटना के बाद हवाई हमले से राजनीतिक और चुनावी लाभ लेने का प्रयास किया।
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कांग्रेस के नेता लगातार विवादास्पद बयान देकर सियासी हंगामा खड़ा कर रहे हैं। पहले इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन सैम पित्रोदा ने विरासत कर को लेकर बयान दिया। उसके बाद मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान को सम्मान देने की बात कहकर विवाद खड़ा कर दिया है। अब कांग्रेस के एक और नेता ने भी कुछ ऐसा ही कह दिया है, जिस पर बहस छिड़ सकती है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने साल 2019 में पुलवामा आतंकी हमले और पाकिस्तान के अंदर बालाकोट में एक आतंकवादी ठिकाने पर जवाबी हवाई हमले पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे लेकर प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लिया।
राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश
तेलंगाना में शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए रेड्डी ने सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर किए गए भयानक हमले से जिसमें 40 जवान मारे गए और उसके बाद हुए हवाई हमले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर 'राजनीतिक लाभ' लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
सब कुछ चुनाव जीतने के बारे में
पुलवामा हमले को रोकने में विफल रहने के लिए केंद्र में भाजपा नीत एनडीए पर दोष लगाते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा, 'मोदी के लिए सब कुछ राजनीति है। सब कुछ चुनाव जीतने के बारे में है। उनके सोचने का तरीका देश के लिए अच्छा नहीं है। अब समय आ गया है कि देश मोदी और भाजपा से छुटकारा पाए। उनसे कुछ भी पूछिए और वे जवाब 'जय श्री राम' के साथ देंगे। वे पुलवामा हमले को रोकने में नाकाम रहे। आईबी क्या कर रही थी? हमारा खुफिया नेटवर्क क्या कर रहा था?'
आपने ऐसा क्यों होने दिया?
कांग्रेस नेता ने यह दावा किया कि पीएम मोदी ने पुलवामा हमले और भारतीय वायु सेना (आईएएफ) द्वारा जवाबी कार्रवाई से राजनीतिक और चुनावी लाभ लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'मोदी जी ने पुलवामा घटना के बाद हवाई हमले से राजनीतिक और चुनावी लाभ लेने का प्रयास किया। मैं उनसे पूछना चाहता हूं आप क्या कर रहे थे? आपने ऐसा क्यों होने दिया? देश की आंतरिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आपने क्या किया? आपने अपने पास मौजूद आईबी और रॉ जैसी एजेंसियों की मदद क्यों नहीं ली? यह आपकी विफलता थी। कोई भी नहीं जानता कि हवाई हमला हुआ था या नहीं। अगर देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हमारी होती, तो हम इसे किसी के हाथ में नहीं छोड़ते।'
एम वीरप्पा मोइली ने भी पुलवामा हमले पर सवाल उठाया
इससे पहले, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली ने पुलवामा हमले पर सवाल उठाया था और देश की जवाबी कार्रवाई को फर्जी दावा बताया था। साथ ही यह आरोप लगाया था कि पीएम मोदी ने राजनीतिक लाभ के लिए इस हमले का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा, '2024 का चुनाव 2014 और 2019 से अलग है। 2019 में मोदी सरकार ने हवाई हमले करने का दावा किया था। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपालों में से एक सत्यपाल, जो पहले भाजपा के साथ थे, ने पुलवामा के बाद हवाई हमलों के दावे को फर्जी बताया। इस फर्जी स्ट्राइक के दावे पर सवार मोदी 2019 में सत्ता में वापस आ गए।'
पुलवामा हमला 14 फरवरी, 2019 को तब हुआ जब एक आत्मघाती हमलावर ने आईईडी से लदे वाहन को सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया था। हमले के कुछ दिनों बाद, 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने पर हवाई हमले किए थे, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए और उनके बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया था।
मणिशंकर अय्यर ने दिया था यह बयान
इससे पहले मणिशंकर अय्यर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया था, जिसमें अय्यर ने पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का समर्थन किया और कहा था कि 'पाकिस्तान एक संप्रभु देश है और उनकी भी इज्जत है, उस इज्जत को कायम रखते हुए आप उनसे जो भी बात करना चाहते हैं करें, लेकिन बात तो करें। बंदूक लेकर आप घूम रहे हैं और उससे तनाव बढ़ रहा है।'
अय्यर ने कहा था कि 'अगर वहां कोई पागल सत्ता पर काबिज हो जाए तो क्या होगा, उनके पास परमाणु बम है। हमारे पास भी है, लेकिन अगर लाहौर स्टेशन पर बम फूटा तो सिर्फ 8 सेकेंड में बम का रेडिएशन अमृतसर पहुंच जाएगा। ऐसे में हमें कोशिश करनी चाहिए कि बातचीत करके बमों का इस्तेमाल रोका जाए। अगर आपने उनसे बात करने की कोशिश की और उन्हें इज्जत दी, तभी वे अपने बम के बारे में नहीं सोचेंगे। भारत को अगर विश्वगुरु बनना है तो ये दिखाना जरूरी है कि हम पाकिस्तान के साथ अपने मुद्दे सुलझाने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए हमें बात करनी होगी और पिछले 10 वर्षों में कोई बात नहीं हुई है।'