{"_id":"63d21068667c821ef67a3429","slug":"telangana-cm-chandrashekhar-rao-skips-republic-day-celebration-in-raj-bhavan-governor-hyderabad-2023-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Telangana: राज्यपाल से तनातनी! गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए सीएम के. चंद्रशेखर राव","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Telangana: राज्यपाल से तनातनी! गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए सीएम के. चंद्रशेखर राव
Thu, 26 Jan 2023 11:04 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 26 Jan 2023 11:04 AM IST
सार
राजभवन में ही गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन ने नाटू नाटू गाने के कंपोजर एमएम कीरावानी और गीतकार चंद्रबोस को सम्मानित भी किया।
विज्ञापन
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव
- फोटो : फेसबुक/केसीआर
विस्तार
गणतंत्र दिवस के मौके पर तेलंगाना की राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन ने हैदराबाद स्थित राजभवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। हैरानी की बात है कि इस कार्यक्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव शामिल नहीं हुए। बता दें कि गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल के साथ ही मुख्यमंत्री भी शिरकत करते हैं लेकिन तेलंगाना सीएम के कार्यक्रम में मौजूद ना होने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जहां एक तरफ राजभवन में तिरंगा फहराया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ सीएम के. चंद्रशेखर राव सिकंदराबाद में विरुला सैनिक स्मारक मैदान के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले तेलंगाना सरकार ने कोरोना महामारी के चलते लगाातार दूसरे साल राजभवन में ही गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन करने की अपील की थी। जिस पर यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। जहां हाईकोर्ट ने सिकंदराबाद में पूरी तैयारी के साथ गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्देश दिया था। हालांकि राजभवन में ही गणतंत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन ने नाटू नाटू गाने के कंपोजर एमएम कीरावानी और गीतकार चंद्रबोस को सम्मानित भी किया।
विज्ञापन
तेलंगाना सरकार और राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन के बीच इन दिनों तनातनी चल रही है। इसी के चलते गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल द्वारा पढ़े जाने वाले भाषण को भी सरकार द्वारा नहीं भेजा गया है। साथ ही बजट सत्र से पहले राज्यपाल के विधानसभा के दोनों सदनो को संबोधित करने की परंपरा रही है लेकिन इस बार राज्यपाल सदनों को संबोधित नहीं करेंगी।