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तेलंगाना विधानसभा में हंगामा: बीआरएस के 24 विधायक दो दिनों के लिए निलंबित, जानें क्या है पूरा विवाद
Sun, 29 Mar 2026 04:11 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 29 Mar 2026 04:11 PM IST
सार
भारत राष्ट्र समिति के 24 विधायकों को दो दिनों के लिए सदन से सस्पेंड कर दिया गया। विपक्षी दल राज्य के राजस्व मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए 'हाउस कमेटी' गठित करने की मांग कर रहा था। सरकार ने मांग ठुकरा दी। भारी शोर-शराबे के बाद स्पीकर ने विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
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तेलंगाना विधानसभा
- फोटो : @ANI
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विस्तार
तेलंगाना विधानसभा में सोमवार को भारी सियासी ड्रामा देखने को मिला। सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा डालने और हंगामा करने के आरोप में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के 24 विधायकों को दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन के बाद विपक्षी दल ने सरकार पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरे विवाद की जड़ सूबे के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी पर लगे कथित भ्रष्टाचार और अवैध खनन के आरोप हैं। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई। मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के विधायक इस मुद्दे को लेकर आक्रामक हो गए। विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि इन आरोपों की जांच के लिए 'हाउस कमेटी' बनाई जाए। विपक्षी दल ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की भी कोशिश की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
प्रस्ताव नामंजूर किए जाने के बाद विपक्षी विधायक भड़क गए। वे नारेबाजी करते हुए सीधे सदन के बीचों-बीच यानी वेल में आ गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई।
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यह भी पढ़ें: मेदिनीपुर का चुनावी संग्राम: अधिकारी परिवार का गढ़ ढहाएगी TMC या खिलेगा कमल? सुवेंदु पर टिकीं सबकी नजरें
कांग्रेस सरकार ने हाउस कमेटी बनाने से किया इनकार
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने विपक्ष की हाउस कमेटी बनाने की मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने दलील दी कि राज्य में 2014 से हो रहे अवैध खनन की जांच के लिए सरकार पहले ही सीबी-सीआईडी जांच के आदेश दे चुकी है, इसलिए अलग से किसी हाउस कमेटी की कोई जरूरत नहीं है।
बजट सत्र के दौरान सदन में खूब बवाल हुआ। दोनों तरफ से तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी ने कादियम श्रीहरि पर कुछ टिप्पणी कर दी, और इसी ने आग में घी डालने का काम किया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विपक्षी विधायकों पर लगाया आरोप
विपक्ष के तेवरों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी विधायकों को सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बीआरएस केवल हाउस कमेटी के बहाने अपने कुछ सदस्यों के जरिए मंत्री को ब्लैकमेल करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा कि अगर विपक्ष के पास कोई सबूत है, तो वे उसे सीबी-सीआईडी के सामने पेश करें।
31 मार्च को समाप्त हो रहा है तेलंगाना का बजट सत्र
स्पीकर ने भी विधायकों से कई बार अपील की। जब वे नहीं माने तो स्पीकर ने हंगामा करने वाले सभी विधायकों को सदन के बाहर का रास्ता दिखा दिया। निलंबित होने वाले विधायकों की लिस्ट में बीआरएस नेता टी हरीश राव, केटी रामा राव ,श्रीनिवास यादव, जगदीश रेड्डी और गंगुला कमलाकर शामिल हैं। तेलंगाना का बजट सत्र 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। निलंबन के बाद बीआरएस विधायकों ने विधानसभा परिसर में ही धरने पर बैठकर विरोध दर्ज किया।
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरे विवाद की जड़ सूबे के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी पर लगे कथित भ्रष्टाचार और अवैध खनन के आरोप हैं। सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू हुई। मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के विधायक इस मुद्दे को लेकर आक्रामक हो गए। विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि इन आरोपों की जांच के लिए 'हाउस कमेटी' बनाई जाए। विपक्षी दल ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की भी कोशिश की। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
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प्रस्ताव नामंजूर किए जाने के बाद विपक्षी विधायक भड़क गए। वे नारेबाजी करते हुए सीधे सदन के बीचों-बीच यानी वेल में आ गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई।
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कांग्रेस सरकार ने हाउस कमेटी बनाने से किया इनकार
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने विपक्ष की हाउस कमेटी बनाने की मांग को साफ तौर पर ठुकरा दिया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने दलील दी कि राज्य में 2014 से हो रहे अवैध खनन की जांच के लिए सरकार पहले ही सीबी-सीआईडी जांच के आदेश दे चुकी है, इसलिए अलग से किसी हाउस कमेटी की कोई जरूरत नहीं है।
बजट सत्र के दौरान सदन में खूब बवाल हुआ। दोनों तरफ से तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी ने कादियम श्रीहरि पर कुछ टिप्पणी कर दी, और इसी ने आग में घी डालने का काम किया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विपक्षी विधायकों पर लगाया आरोप
विपक्ष के तेवरों को देखते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बीआरएस पर जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने विपक्षी विधायकों को सस्पेंड करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बीआरएस केवल हाउस कमेटी के बहाने अपने कुछ सदस्यों के जरिए मंत्री को ब्लैकमेल करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा कि अगर विपक्ष के पास कोई सबूत है, तो वे उसे सीबी-सीआईडी के सामने पेश करें।
31 मार्च को समाप्त हो रहा है तेलंगाना का बजट सत्र
स्पीकर ने भी विधायकों से कई बार अपील की। जब वे नहीं माने तो स्पीकर ने हंगामा करने वाले सभी विधायकों को सदन के बाहर का रास्ता दिखा दिया। निलंबित होने वाले विधायकों की लिस्ट में बीआरएस नेता टी हरीश राव, केटी रामा राव ,श्रीनिवास यादव, जगदीश रेड्डी और गंगुला कमलाकर शामिल हैं। तेलंगाना का बजट सत्र 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। निलंबन के बाद बीआरएस विधायकों ने विधानसभा परिसर में ही धरने पर बैठकर विरोध दर्ज किया।
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