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दो दिन पति तेजबहादुर के साथ रह सकेंगी शर्मिला, कोर्ट ने दी इजाजत

Fri, 10 Feb 2017 09:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Feb 2017 09:18 PM IST
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Tej Bahadur case government tells HC jawan shifted to other battalion
तेज बहादुर

दिल्ली हाईकोर्ट से बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की पत्नी शर्मिला को राहत मिली है। अदालत ने बीएसएफ को निर्देश दिया कि शर्मिला को अपने पति से मिलने व उसे दो दिन यादव के साथ रहने की इजाजत दी जाए। अदालत ने बीएसएफ के उस तर्क को खारिज कर दिया कि शर्मिला द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका औचित्यहीन है। 

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तेज बहादुर यादव जवानों को घटिया खाने संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर डालने से विवादों में आ गया था। शर्मिला ने दायर याचिका में यादव की जान को खतरा बताते हुए आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे बंधक बना लिया है। ऐसे में अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि यादव को अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
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न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ ने गृह मंत्रालय व बीएसएफ के उस तर्क पर असहमति जताई कि यादव लापता नहीं है और उसे एक बटालियन से दूसरी काली बाड़ी सांबा स्थित बटालियन में स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके अलावा वह नियमित रूप से अपने परिवार से फोन पर संपर्क में है। ऐसे में याचिका पर सुनवाई नहीं की जानी चाहिए।

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कैंप में साथ रहने की इजाजत मिली

Tej Bahadur case government tells HC jawan shifted to other battalion

खंडपीठ ने कहा कि फोन पर एक मिनट या कुछ अधिक बात दबाव में भी करवाई जा सकती है। यदि ऐसा नहीं है तो आप यादव को पत्नी से मिलने की इजाजत क्यों नहीं दे रहे। यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका है और यदि परिवार को कुछ संदेह है तो उसे दूर किया जाना जरूरी है। वरना आप यादव को अदालत के समक्ष पेश करें।

अदालत ने कहा यदि यादव ठीक है और उसे बंधक नहीं बनाया गया तो पत्नी मिल सकती है। इसके बाद मामला स्वयं खत्म हो जाएगा।

अदालत के रवैये को देख गृह मंत्रालय व बीएसएफ की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। शर्मिला सांबा जाकर अपने पति से मिल सकती है और उसकी व्यवस्था कर दी जाएगी। खंडपीठ ने निर्देश दिया कि शर्मिला को बीएसएफ कैंप में दो दिन अपने पति के साथ रहने की इजाजत दी जाए।

अदालत ने अधिवक्ता जैन के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि शर्मिला व उनका परिवार वहां मीडिया से बातचीत न करे। अदालत ने इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 15 फरवरी को तय कर दी।

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