फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Teen births down 63 percent since 2000 says global childhood report 

भारत के लिए अच्छी खबर, किशोर उम्र में गर्भावस्था में आई 63 फीसदी की कमी

Thu, 30 May 2019 02:24 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Thu, 30 May 2019 02:24 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Teen births down 63 percent since 2000 says global childhood report 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

भारत में अब बहुत ही कम लड़कियां ऐसी हैं जो किशोरावस्था में मां बन रही हैं। साल 2000 के बाद से इसमें 63 फीसदी की कमी आई है। ये जानकारी ग्लोबल चाइल्डहुड रिपोर्ट 2019 से सामने आई है। इस रिपोर्ट को गैर लाभकारी संगठन सेव द चिल्ड्रन ने मंगलवार को जारी किया है।


loader

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2000 की तुलना में भारत में महज 20 लाख जन्म हुए हैं। इस समय अवधि में लगभग तीन-चौथाई किशोरियों के जन्म देने में वैश्विक कमी भारत में ही हुई है। 

वैश्विक स्तर पर गर्भावस्था और प्रसव के दौरान आने वाली परेशानियां ही 15 से 19 साल की लड़कियों की मौत का मुख्य कारण होती हैं। वहीं किशोर माताओं से जन्म लेने वाले बच्चों पर भी मौत का खतरा बना रहता है। लेकिन भारत में इस दर में काफी कमी आई है, जो कि देश के लिए खुशी की बात है।

वैश्विक स्तर पर किशोर उम्र में जन्म दर में 22 फीसदी की कमी आई है। जो आंकड़ा साल 2000 में 35 लाख था, वो अब 14 लाख हो गया है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस)-4 द्वारा साल 2015-16 में किए गए सर्वे में 18 साल की उम्र से पहले शादी करने वाली लड़कियों की संख्या 26.8 फीसदी आई, जो कि 2005-06 में 47.7 फीसदी थी। 

सेव द चिल्ड्रन ने इस सर्वे में 176 देशों का मूल्यांकन किया है। जिसमें बच्चों की स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पोषण तक पहुंच, बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसे घटकों को शामिल किया गया। साल 2000 के बाद बाल मृत्यु दर में कमी देखी गई है। 'एंड ऑफ चाइल्डहुड इंडेक्स' में भारत का स्कोर 137 पॉइंट है।

सेव द चिल्ड्रन की सीईओ बिदिशा पिल्लई का कहना है कि इस उपलब्धि का असर आने वाली पीढ़ी पर भी जरूर होगा। हालांकि रिपोर्ट में कुपोषण को लेकर स्थिति अच्छी नहीं है। भारत में इसका स्तर अधिक पाया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed