Technology Transfer: HAL प्रमुख बोले- जेट इंजन के सह-उत्पादन की टेक्नोलॉजी को आत्मसात करने में लगेंगे तीन साल
Technology Transfer: एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सीबी अनंतकृष्णन ने कहा कि कंपनी को भारतीय वायु सेना के लिए GE F414 जेट इंजन के सह-उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी को आत्मसात करने के लिए तीन साल की समय सीमा की आवश्यकता होगी।
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए GE-F414 जेट इंजन के महत्वाकांक्षी सह-उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी को आत्मसात करने के लिए तीन साल की समय सीमा की जरूरत होगी। कंपनी के प्रबंध निदेशक सीबी अनंतकृष्णन ने सोमवार को यह बात कही।
एचएएल प्रमुख ने कहा, 'हमने पहले ही (जीई एयरोस्पेस के साथ) चर्चा शुरू कर दी है। जैसा कि आप जानते हैं कि प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) के लिए जून के महीने में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। हम समझते हैं कि उसके बाद जीई को अपनी सरकार (अमेरिकी प्रशासन) से जरूरी मंजूरी हासिल करनी थी जो उसे मिल गई है। अब अगला कदम यह होगा कि हम जीई के साथ विनिर्माण लाइसेंस समझौते (मैन्यूफैक्चरिंग लाइसेंस एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर करेंगे।'
अनंतकृष्णन ने आगे कहा, 'एक बार अगर जीई के साथ लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो उसके बाद वह प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के लिए देश के भीतर इन इंजनों के डिजाइन और विकास के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा। उसके बाद हम उनके साथ बातचीत शुरू करेंगे। हम अनुबंध को अंतिम रूप देंगे और जीई प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं के इस हस्तांतरण पर काम करना शुरू कर देगा। हम अगले तीन साल की समय सीमा में प्रौद्योगिकी को आत्मसात करेंगे।'
एचएएल के शीर्ष अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को भारत में GE-414 जेट इंजन के सह-उत्पादन की प्रगति से अवगत कराया। जून में पीएम मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान एक बड़ी घोषणा में जीई एयरोस्पेस और एचएएल ने भारतीय वायु सेना के लिए लड़ाकू जेट इंजन का उत्पादन करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।
ये अत्याधुनिक जेट इंजन एक बार भारत में निर्मित होने के बाद भारतीय वायु सेना की क्षमता को और बढ़ाएंगे। जीई एयरोस्पेस ने तब कहा था कि उसने अब तक वैश्विक स्तर पर 1,600 से अधिक F414 इंजन सौंपे हैं। इसके अलावा, एचएएल के सीएमडी ने प्रधानमंत्री मोदी की पिछले हफ्ते बंगलुरू में अपने मुख्यालय की यात्रा के बारे में बात की, जहां उन्होंने स्वदेशी रूप से निर्मित तेजस में उड़ान भरी थी।