कर्नाटक: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की आलोचना वाली पोस्ट साझा करने पर शिक्षक निलंबित, 20 मई को जारी हुआ था आदेश
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की आलोचना करने वाली एक पोस्ट अपने फेसबुक पेज पर साझा करने के आरोप में एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। पोस्ट में सिद्धरमैया की 2013 से 2018 तक की पिछली सरकार के दौरान कर्नाटक पर वित्तीय बोझ डालने के लिए उनकी आलोचना की गई थी। शिक्षक की पहचान शांतामूर्ति एमजी के रूप में हुई है।
क्या है मामला?
आरोप है कि शांतामूर्ति एमजी ने 20 मई को मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेने के दिन सिद्धरमैया के खिलाफ एच.एम. राजशेखर हिरेमठ की पोस्ट को साझा किया। हिरेमठ ने कथित तौर पर अपनी पोस्ट में लिखा था कि सिद्धारमैया ने राज्य को अधिकतम कर्ज में डूबो दिया था, वह फिर से कर्ज में डुबाने के लिए वापस आ गए हैं।
सिद्धारमैया को लेकर कही यह बात
पोस्ट के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्रियों एसएम कृष्णा ने 3,590 करोड़ रुपये, धरम सिंह ने 15,635 करोड़ रुपये, एचडी कुमारस्वामी ने 3,545 करोड़ रुपये, बीएस येदियुरप्पा ने 25,653 करोड़ रुपये, डीवी सदानंद गौड़ा ने 9,464 करोड़ रुपये, जगदीश शेट्टार ने 13,464 करोड़ रुपये और सिद्धारमैया 2.42 लाख करोड़ रुपये उधार लिए थे। एसएम कृष्णा से लेकर जगदीश शेट्टर तक की कुल ऋण राशि 71,331 करोड़ रुपये थी। सिद्धारमैया का कर्ज 2.42 लाख करोड़ रुपये है। उनकी मुफ्त की योजना 'भाग्य' का क्या हो सकता है?
निलंबन की बताई यह वजह
20 मई के निलंबन आदेश में लोक निर्देश विभाग के अनुशासन प्राधिकरण और खंड शिक्षा अधिकारी एल जयप्पा ने कहा कि शांतामूर्ति ने कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम -1966 का उल्लंघन किया है, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया गया है।
कर्नाटक सरकार में 9 मंत्री दागी, 223 विधायक करोड़पति
कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार के 9 मंत्री दागी हैं। सभी मंत्री करोड़पति हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआरए) ने चुनावी शपथपत्र के आधार पर रिपोर्ट जारी कर बताया कि सभी मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 4 पर संगीन मामले दर्ज हैं। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सबसे अमीर हैं। उन्होंने 1413.80 करोड़ की संपत्तियां घोषित की हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक 16.83 करोड़ के साथ सबसे कम संपत्ति वाले मंत्री हैं। मंत्रियों की औसत संपत्ति 229.27 करोड़ रुपये हैं। जबकि, 9 में से तीन मंत्रियों ने स्नातक तक भी पढ़ाई नहीं की है।
एडीआर ने 2023 के 223 विजेता उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया। इनमें से 122 (55 फीसदी) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि, 2018 में 221 में से 77 विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज थे। इस बार 71 विधायक ऐसे हैं, जिनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक विधायक पर हत्या, तीन पर हत्या का प्रयास जैसे मामले भी दर्ज हैं।