सीबीआई: कोलकाता सहित छह जगह पर चलाया गया तलाशी अभियान; शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट की जिम्मेदारी 'एस बसु रॉय एंड कंपनी' नाम की कंपनी को दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को जांच एजेसी ने कोलकाता, बेहाला, साल्ट लेक और हावड़ा सहित छह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के प्राथमिक विद्यालयों के लिए सहायक शिक्षकों के चयन में अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को कोलकाता में छह स्थानों पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जांच एजेंसी ने जिस कंपनी को ओएमआर शीट की जिम्मेदारी दी थी, उस संस्था के कार्यालय पर भी तलाशी अभियान चलया। जांच एजेंसी ने संस्था के मुखिया से पूछताछ की और आगे की पूछताछ के लिए अपने कार्यालय निजाम पैलेस में तबल किया है। इस दौरान जांच एजेंसी ने महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले की सीबीआई जांच पर सवाल उठाए थे। मंगलवार के छापों को उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट की जिम्मेदारी 'एस बसु रॉय एंड कंपनी' नाम की कंपनी को दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को जांच एजेसी ने कोलकाता, बेहाला, साल्ट लेक और हावड़ा सहित छह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने मंगलवार को कंपनी के दफ्तरों, गोदामों और यहां तक कि अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों की भी तलाशी ली। सीबीआई के आठ अधिकारियों ने कर्ता कौशिक के फ्लैट की तलाशी ली। इस दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने संस्था के कोलकाता स्थित कार्यालय में संस्था के मुखिया से ओएमआर शीट के बारे में पूछताछ की। जांच एजेंसी ने संस्था के मुखिया कौशिक माझी को आगे की पूछताछ के लिए निज़ाम पैलेस में तलब किया है। सूत्रों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
यह मामला 11 अक्तूबर, 2015 को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित है, जिसमें अपात्र उम्मीदवारों को भ्रष्ट तरीकों से ‘अवैध एवं मनमाने ढंग से’ नियुक्ति दी गई थी। सीबीआई का आरोप है कि प्राथमिक शिक्षकों की नौकरियां उम्मीदवारों ने भारी धनराशि के बदले खरीदी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले साल इस मामले की जांच संघीय जांच एजेंसी को सौंप दी थी और एजेंसी ने मामले में जांच करते 18 मई को आरोप पत्र दायर किया था।