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TDP सांसद शिवप्रसाद ने लोकसभा में तोड़ी सारी मर्यादा, घुंघरू, शंख, बांसुरी के बाद अब बजाई शहनाई
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:46 AM IST
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एन. शिवप्रसाद
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टीडीपी सांसद एन. शिवप्रसाद ने सोमवार को लोकसभा में सारी हदें पार कर दीं। शून्यकाल के दौरान सांसद लगातार शहनाई (नादश्वरम) बजाते रहे। इससे पहले वह सदन में घुंघरू, शंख और बांसुरी बजाकर विरोध जता चुके हैं। वह स्पीकर सुमित्रा महाजन और महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव के कान के पास शहनाई बजाते रहे। कान के पास शहनाई बजने के कारण महासचिव कई बार परेशान हुईं। न तो सरकार और न ही आसन ने इस व्यवहार पर आपत्ति जताई।
शिवप्रसाद आम बजट पेश होने के बाद से कई बार सदन में विरोध दर्ज कराते रहे हैं। शुरू में वह सदन में घुंघरू पहन कर आते रहे। फिर उन्होंने शंख और बांसुरी बजा कर विरोध जताया। इस दौरान एक दिन तांत्रिक की भूमिका में भी नजर आए। सोमवार को बिग पहने शिवप्रसाद ने सदन में शून्यकाल में शहनाई बजानी शुरू कर दी। इस दौरान वह शहनाई को कभी महासचिव के कान के पास ले जा कर बजाते, तो कभी आसन पर बैठी स्पीकर के एकदम नजदीक।
स्पीकर ने प्लेकार्ड और पोस्टरों से आसन को ढंकने पर नाराजगी जताते हुए वर्ष 2015 के मानसून सत्र में कांग्रेस के 25 सांसदों को 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद बीते साल भी मानसून सत्र के दौरान ही आसन पर कागज फेंकने के मामले में स्पीकर ने 6 सांसदों को 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। तब सत्ता पक्ष ने भी कांग्रेसी सांसदों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पीकर के फैसले का समर्थन किया था।
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गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न दिए जाने से नाराज टीडीपी ने सरकार से नाता तोड़ लिया है। टीडीपी के सांसद आम बजट पेश होने के बाद से ही सदन में आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं।
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शिवप्रसाद आम बजट पेश होने के बाद से कई बार सदन में विरोध दर्ज कराते रहे हैं। शुरू में वह सदन में घुंघरू पहन कर आते रहे। फिर उन्होंने शंख और बांसुरी बजा कर विरोध जताया। इस दौरान एक दिन तांत्रिक की भूमिका में भी नजर आए। सोमवार को बिग पहने शिवप्रसाद ने सदन में शून्यकाल में शहनाई बजानी शुरू कर दी। इस दौरान वह शहनाई को कभी महासचिव के कान के पास ले जा कर बजाते, तो कभी आसन पर बैठी स्पीकर के एकदम नजदीक।
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स्पीकर ने प्लेकार्ड और पोस्टरों से आसन को ढंकने पर नाराजगी जताते हुए वर्ष 2015 के मानसून सत्र में कांग्रेस के 25 सांसदों को 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। इसके बाद बीते साल भी मानसून सत्र के दौरान ही आसन पर कागज फेंकने के मामले में स्पीकर ने 6 सांसदों को 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। तब सत्ता पक्ष ने भी कांग्रेसी सांसदों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पीकर के फैसले का समर्थन किया था।
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गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न दिए जाने से नाराज टीडीपी ने सरकार से नाता तोड़ लिया है। टीडीपी के सांसद आम बजट पेश होने के बाद से ही सदन में आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं।