फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   TCS case: No interim relief to arrested employee in related matter; court cites 'criminal antecedents'

TCS केस में गिरफ्तार आरोपी को झटका: अदालत ने अंतरिम राहत ठुकराई, 'गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि' का हवाला

Thu, 23 Apr 2026 02:17 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक Published by: Pavan Updated Thu, 23 Apr 2026 02:17 AM IST
सार

मामले में 31 साल का आरोपी दानिश शेख पहले से ही इसी मामले में दर्ज नौ एफआईआर में से एक केस में गिरफ्तार है और फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उसने मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज एक अन्य केस में अंतरिम जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया और अभियोजन पक्ष को 27 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

विज्ञापन
TCS case: No interim relief to arrested employee in related matter; court cites 'criminal antecedents'
टीसीएस नासिक - फोटो : एएनआई

विस्तार

नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के ऑफिस से जुड़े कथित यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है। स्थानीय अदालत ने आरोपी कर्मचारी दानिश शेख को एक अन्य संबंधित केस में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: वैश्विक मंच पर गूंजी भारत की आवाज, अमेरिका और इस्राइल ने दिया साथ का भरोसा
विज्ञापन


'गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि - राहत देना उचित नहीं'
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आए हैं, इसलिए उसे राहत देना उचित नहीं है। जज वी.वी. कठारे ने यह भी माना कि मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है और इस समय आरोपी को राहत देने से जांच पर असर पड़ सकता है। अदालत के अनुसार, एफआईआर में लगाए गए आरोप बताते हैं कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसे काम किए, जिनसे शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने कहा- इसका समाज पर व्यापक असर
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके 'समाज पर व्यापक असर' की बात भी अदालत ने कही। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे आरोप कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए मामले को गंभीरता से देखा जाना जरूरी है। 


मामले में आठ लोग गिरफ्तार, कई धाराओं के केस दर्ज
इस केस में आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और धारा 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है, जिसमें यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न जैसे आरोप शामिल हैं। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक महिला एचआर मैनेजर भी शामिल है। बाकी आरोपियों ने भी जमानत के लिए आवेदन किया है, जिन पर आने वाले दिनों में सुनवाई होगी।

यह भी पढ़ें - पीएम मोदी को झालमुड़ी देने वाले विक्रम शॉ कौन?: SPG कमांडर बताने का दावा हुआ फुस्स, दुष्प्रचार का पर्दाफाश

वहीं टीसीएस ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हें फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed