फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Tawang Monastery head said India-China need to trust each other

Tawang Monastery: ‘भारत-चीन को एक-दूसरे पर भरोसा करने की जरूरत’, तवांग मठ ने दी सलाह

Sun, 08 Oct 2023 01:49 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तवांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तवांग Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 08 Oct 2023 01:49 PM IST
सार

मठाधीश ने कहा कि भारत और चीन की सरकारों को एक दूसरे पर भरोसा रखना होगा। उसके बाद उन्हें स्थिति के पीछे की सच्चाई जानते की जरूरत है कि आखिर वास्तविकता क्या है। उन्होंने कहा कि हमें उनके दावों पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि आखिर सच्चाई क्या है।  

विज्ञापन
Tawang Monastery head said India-China need to trust each other
Tawang Monastery - फोटो : social media

विस्तार

भारत-चीन के बीच बढ़ते तनाव को रोकने के लिए तवांग मठ ने सलाह दी। मठाधीश ने कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे पर भरोसा रखने और बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है। 

विज्ञापन

दशकों पहले तिब्बत से भारत आए मठाधीश शेडलिंग तुलकू थुप्टेन तेंदर रिंपोछे ने दावा किया कि तिब्बत में कोई धार्मिक स्वतंत्रता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह घर वापस तभी जाएंगे जब इन मुद्दों का समाधान हो जाएगा।

विज्ञापन


मठाधीश ने कहा कि भारत और चीन की सरकारों को एक दूसरे पर भरोसा रखना होगा। उसके बाद उन्हें स्थिति के पीछे की सच्चाई जानते की जरूरत है कि आखिर वास्तविकता क्या है। उन्होंने कहा कि हमें उनके दावों पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि आखिर सच्चाई क्या है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों देशों के बीच मुद्दों के समाधान के लिए चर्चा को एकमात्र विकल्प बताया। उन्होंने कहा, 'हम तिब्बत, चीन या भारत में रहने वाले लोगों की समस्याओं को युद्ध से हल नहीं कर सकते। हम शांतिपूर्ण तरीके से चर्चा करके ही समाधान कर सकते हैं। 


हालांकि, उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि तिब्बत में कोई धार्मिक स्वतंत्रता नहीं है, जहां से वह 1960 के दशक में चले आए थे और तब से केवल एक बार 2001 में वापस गए थे। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि अपने घर की याद नहीं आती है, लेकिन अब घर लौटने की कोई इच्छा नहीं है क्योंकि तिब्बत में कोई धार्मिक स्वतंत्रता नहीं है।

उन्होंने कहा कि वह तिब्बत तभी जाएंगे जब दलाई लामा वहां जाएंगे और तिब्बत सरकार के साथ मुद्दा सुलझ जाएगा। बता दें, तवांग मठ एशिया का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे पुराना मठ है। इसकी स्थापना 1680-81 में हुई थी।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed