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भारत की स्थायी नागरिकता पाने के इंतजार में तसलीमा नसरीन, कहा- मैं इसी मिट्टी की बेटी हूं
Mon, 22 Jul 2019 06:03 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Mon, 22 Jul 2019 06:03 PM IST
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तसलीमा नसरीन (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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अपने निवास परमिट (रेजीडेंस) की अवधि एक साल और बढ़ाए जाने पर मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने सरकार और गृह मंत्रालय का आभार जताया है। नसरीन ने उम्मीद जताई है कि सरकार उन्हें स्थायी नागरिकता देने या लंबी अवधि का परमिट देगी क्योंकि वह 'इसी मिट्टी की बेटी' हैं और उनकी बिल्ली भी भारतीय है।
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समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, 'भारत मेरा घर है। यह और बेहतर होता अगर यहां रहने के लिए हर साल मुझे चिंता नहीं करनी पड़ती। पांच या 10 साल के लिए भी रेजीडेंस परमिट दिए जाने का प्रावधान है। मैंने पूर्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह से साल 2014 में अनुरोध किया था कि मैं अपना बाकी जीवन भारत में ही गुजारना चाहती हूं।'
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बता दें कि रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नसरीन के रेजीडेंस परमिट की अवधि एक साल के लिए बढ़ाई थी। वह स्वीडन की नागरिक हैं और साल 2004 से लगातार भारत में उनके रेजीडेंस परमिट की अवधि बढ़ाई जा रही है। 56 वर्षीय लेखिका को पिछले सप्ताह तीन महीने का एक रेजीडेंस परमिट दिया गया था, जिसपर उन्होंने ट्विटर पर शेयर करते हुए गृह मंत्री अमित शाह से इसे एक साल के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था।
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नसरीन ने कहा, 'मुझे विदेशी कहा जाता है लेकिन मुझे लगता है कि मैं इसी मिट्टी की बेटी हूं। मुझे उम्मीद है कि सरकार मुझे स्थायी नागरिकता देने या लंबी अवधि का परमिट देने पर विचार करेगी। मैंने 25 साल निर्वासन में बिताए हैं, इसके बावजूद हर साल मुझे चिंता करनी पड़ती है कि मैं कहां रहूंगू। इससे मेरे लेखन पर भी असर पड़ता है।'