पनीरसेल्वम के समर्थन में उतरे मंत्री-सांसद, शशिकला ने कहा- जवाब दे रहा धैर्य
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तमिलनाडु में सत्ता की लड़ाई में मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को शनिवार को उस समय और ताकत मिली जब एक मंत्री, तीन लोकसभा सांसद एवं अन्नाद्रमुक के एक प्रवक्ता उनके साथ हो गए, जबकि पार्टी महासचिव वीके शशिकला ने परोक्ष चेतावनी दी कि शपथ ग्रहण नहीं होने पर धैर्य जवाब दे रहा है।
नेताओं के पार्टी कार्यकर्ताओं के दबाव में आने और शशिकला के खिलाफ बढ़ती परोक्ष जनभावना के बीच स्कूली शिक्षा मंत्री के पांडियाराजन, सांसद पीआर सुंदरम, सांसद के अशोक कुमार और सांसद सत्यभामा शनिवार सुबह मुख्यमंत्री के धड़े में चले गए। शाम को पार्टी प्रवक्ता एवं एमजीआर मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे सी पोन्नैयन ने भी मुख्यमंत्री को अपना समर्थन दे दिया।
इसके साथ ही पूर्व मंत्री एमएम राजेंद्र प्रसाद भी मुख्यमंत्री खेमे में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री निवास पर पनीरसेल्वम की उपस्थिति में प्रसाद ने कहा कि पार्टी एवं सरकार का नेतृत्व अच्छे हाथों में होना चाहिए और वह पनीरसेल्वम हैं, जिन्हें जयललिता ने तीन बार विश्वास कर मुख्यमंत्री बनाया।
नेताओं के साथ छोड़ने से विचलित अन्नाद्रमुक महासचिव चुनी गईं शशिकला विधायकों को पाला बदलने से रोकने के प्रयास के तहत शनिवार को यहां से करीब 100 किलोमीटर दूर एक पर्यटक स्थल स्थित रिसॉर्ट पहुंची, जहां तीन दिनों से विधायकों को रखा गया है।
विधायकों के साथ शशिकला की भेंट के बाद पार्टी के प्रेसीडियम चेयरमैन केए सेंगोट्टैयन ने संवाददाताओं से कहा कि विधायकों ने उनके मुख्यमंत्री बनने तक उनका समर्थन करने का संकल्प लिया।
'समर्थक विधायकों की परेड कराने को भी तैयार'
इस बीच, शशिकला ने राज्यपाल सी विद्यासागर राव को पत्र लिखकर उन्हें मुख्यमंत्री की शपथ दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह उनके (राज्यपाल) सामने अपने समर्थक विधायकों की परेड कराने को भी तैयार हैं।
उन्होंने राज्यपाल से कहा कि बृहस्पतिवार को उन्होंने इस बात को विस्तार से पेश किया था कि उनके पास पूर्ण बहुमत है और उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। शशिकला ने अन्नाद्रमुक विधायक दल की नेता चुने जाने के प्रस्ताव की प्रति भी राज्यपाल को सौंपी थी।
शशिकला ने कहा कि उन्हें यकीन है कि राज्यपाल संविधान, लोकतंत्र की संप्रभुता एवं तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाएंगे। अपने निवास पर शशिकला ने शपथ ग्रहण में देरी के खिलाफ परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा, ‘निष्पक्षता एवं लोकतंत्र में अपने विश्वास के चलते हम धैर्यशील हैं। हमारे अंदर एक सीमा तक ही धैर्य हो सकता है उसके बाद तो हम तय करेंगे कि हम क्या करेंगे।’
'तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी की जा रही है'
शशिकला की टिप्पणियों को लेकर उन पर हमला करते हुए राज्यसभा सदस्य डॉ. वी मैत्रियन ने कहा कि तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की समस्या खड़ी की जा रही है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाने की अपील की।
उधर, मुख्यमंत्री ने शशिकला एवं उनके परिवार पर प्रहार करते हुए कहा, ‘हम काम करे और पार्टी एवं सरकार को एक परिवार के हाथों में फिसलने देने से रोकें।’ उधर शशिकला ने कहा कि पार्टी एवं सरकार की अगुवाई करना मेरा कर्तव्य है।
कुछ लोगों की तिकड़म इस जनांदोलन को नुकसान नहीं पहुंचा सकती, जिसमें 1.5 करोड़ समर्थक हैं और समर्थकों की यह सेना अम्मा (जयललिता) छोड़कर गई हैं।