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तमिलनाडु: भाजपा के खिलाफ नारे लगाने वाली छात्रा को दो लाख रुपये 'इनाम', विमान में की थी नारेबाजी, जानिए पूरा मामला
Thu, 03 Mar 2022 08:20 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,चेन्नई,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,चेन्नई,
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 03 Mar 2022 08:20 AM IST
सार
सोफिया ने 2018 में एक हवाई यात्रा के दौरान विमान में नारेबाजी की थी। विमान में तमिलनाडु की तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष तमिलीसाई सौंदरराजन (अब पुडुचेरी की उपराज्यपाल) भी मौजूद थीं। उन्हें छात्रा द्वारा भाजपा के खिलाफ नारेबाजी काफी नागवार गुजरी थी।
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तमिलनाडु मूल की कनाडा की छात्रा लूइस सोफिया (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तमिलनाडु मूल की कनाडा की छात्रा लूइस सोफिया को भाजपा के खिलाफ नारेबाजी के लिए दो लाख रुपये का 'इनाम' मिला है। हालांकि इससे पहले उसे इस मामले में गिरफ्तारी भी झेलना पड़ी थी।
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सोफिया ने 2018 में एक हवाई यात्रा के दौरान विमान में नारेबाजी की थी। विमान में तमिलनाडु की तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष तमिलीसाई सौंदरराजन (अब पुडुचेरी की उपराज्यपाल) भी मौजूद थीं। उन्हें छात्रा द्वारा भाजपा के खिलाफ नारेबाजी काफी नागवार गुजरी थी।
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तमिलनाडु के राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने सोफिया की गिरफ्तारी के प्रति नाराजगी जाहिर की है। आयोग ने आदेश दिया है कि जिन पुलिसकर्मियों ने उसे गिरफ्तार किया था, उनसे राशि वसूल कर छात्रा को यह मुआवजा राशि दी जाए।
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2018 में सोफिया चेन्नई से थूथुकुडी जा रही फ्लाइट में सवार हुई थी। इसी विमान में तमिलीसाई, जो कि अब तेलंगाना की राज्यपाल व पुडुचेरी की उपराज्यपाल हैं, भी सवार थीं। उन्हें देखकर सोफिया ने भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसे लेकर सौंदरराजन व सोफिया की बहस भी हुई थी। इसके बाद भाजपा पदाधिकारियों की शिकायत पर सोफिया को गिरफ्तार कर लिया गया था।
बेटी की गिरफ्तारी व उसके बाद न्यायिक हिरासत के खिलाफ उसके पिता ने राज्य मानवाधिकार आयोग की शरण ली थी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया, जिससे वह गहरे मानसिक दबाव में आ गई। गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा था कि सोफिया ने एक सहयात्री को शोर मचाकर परेशान किया और एयरपोर्ट के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में शांति भंग की।
आयोग ने पुलिस की दलीलों को नहीं माना। उसकी गिरफ्तार को अनुचित बताते हुए एसएचआरसी के सदस्य डी. जयचंद्रन ने कहा कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर सोफिया को गिरफ्तार किया था। इसलिए उसके पिता को दो लाख रुपये हर्जाना दिया जाए। यह मुआवजा राशि उन सातों पुलिसकर्मियों से वसूल की जाए, जिन्होंने उसे गिरफ्तार किया था। एक पुलिसकर्मी से 50 हजार व छह अन्य से 25-25 हजार रूपये लिए जाएं।