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Tamil Nadu: राजीव गांधी के हत्यारों ने की स्पेशल कैंप से रिहाई की मांग, हाईकोर्ट में दायर की याचिका
Wed, 15 Nov 2023 12:41 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 15 Nov 2023 12:41 PM IST
सार
रॉबर्ट पायस और जयकुमार अभी त्रिची स्थित स्पेशल कैंप में बंद हैं। दोनों को बीते साल ही पुझाल सेंट्रल जेल, मुरुगन से त्रिची के स्पेशल कैंप में शिफ्ट किया गया था।
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मद्रास हाईकोर्ट
विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी पाए गए रॉबर्ट पायस और जयकुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें स्पेशल कैंप से रिहा करने की मांग की है। बता दें कि रॉबर्ट पायस और जयकुमार अभी त्रिची स्थित स्पेशल कैंप में बंद हैं। दोनों को बीते साल ही पुझाल सेंट्रल जेल, मुरुगन से त्रिची के स्पेशल कैंप में शिफ्ट किया गया था। अब दोनों ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ में याचिका दायर की है। इस याचिका में दोनों ने स्पेशल कैंप से रिहाई की मांग की है।
रॉबर्ट पायस और जयकुमार स्पेशल कैंप के एक ही कमरे में बंद हैं। वहीं एक अन्य कमरे में एमटी संस्थान और मुरुगन बंद हैं। बता दें कि राजीव गांधी की हत्या में दोषी ठहराए गए एमटी संथान ने भी त्रिची स्पेशल कैंप से रिहा करने की मांग की थी। संथान का आरोप था कि स्पेशल कैंप के कमरे में खिड़की भी बंद है और उन्हें अन्य लोगों से मिलने की भी आजादी नहीं है। संथान ने कहा था कि इस स्पेशल कैंप के मुकाबले उनके लिए जेल ज्यादा ठीक थी।
बता दें कि राजीव गांधी की हत्या के छह दोषियों को बीते साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया था। जिसके बाद इन दोषियों को स्पेशल कैंप में रखा गया। राजीव गांधी की साल 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरुंबदूर में आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। पूर्व पीएम की हत्या में सात लोग जिनमें मुरुगन, नलिनी, एजी पेरारिवालन, संथान, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और पी रविचंद्रन को दोषी ठहराया गया था। इन सभी को मौत की सजा दी गई थी, जिसमें बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था। एजी पेरारिवालन को मई 2022 को जेल से रिहा कर दिया गया था।
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रॉबर्ट पायस और जयकुमार स्पेशल कैंप के एक ही कमरे में बंद हैं। वहीं एक अन्य कमरे में एमटी संस्थान और मुरुगन बंद हैं। बता दें कि राजीव गांधी की हत्या में दोषी ठहराए गए एमटी संथान ने भी त्रिची स्पेशल कैंप से रिहा करने की मांग की थी। संथान का आरोप था कि स्पेशल कैंप के कमरे में खिड़की भी बंद है और उन्हें अन्य लोगों से मिलने की भी आजादी नहीं है। संथान ने कहा था कि इस स्पेशल कैंप के मुकाबले उनके लिए जेल ज्यादा ठीक थी।
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बता दें कि राजीव गांधी की हत्या के छह दोषियों को बीते साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया था। जिसके बाद इन दोषियों को स्पेशल कैंप में रखा गया। राजीव गांधी की साल 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरुंबदूर में आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी। पूर्व पीएम की हत्या में सात लोग जिनमें मुरुगन, नलिनी, एजी पेरारिवालन, संथान, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और पी रविचंद्रन को दोषी ठहराया गया था। इन सभी को मौत की सजा दी गई थी, जिसमें बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया था। एजी पेरारिवालन को मई 2022 को जेल से रिहा कर दिया गया था।
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