{"_id":"648c1f7558191904ed0647f9","slug":"tamil-nadu-former-dgp-of-tamil-nadu-was-sentenced-to-three-years-jail-for-sexual-harassment-of-women-officer-2023-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tamil Nadu: दो साल पुराने मामले में तमिलनाडु के पूर्व DGP को सजा, सहकर्मी ने लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tamil Nadu: दो साल पुराने मामले में तमिलनाडु के पूर्व DGP को सजा, सहकर्मी ने लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप
Fri, 16 Jun 2023 02:13 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 16 Jun 2023 02:13 PM IST
सार
महिला सहकर्मी द्वारा लगाए गए आरोप के बाद अन्नाद्रमुक की सरकार ने राजेश दास को निलंबित कर दिया था और जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बिठाई गई थी।
विज्ञापन
तमिलनाडु के पूर्व डीजीपी राजेश दास
- फोटो : Social Media
विस्तार
तमिलनाडु के पूर्व पुलिस महानिदेशक राजेश दास को महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने के मामले में आज तीन साल की सजा सुनाई गई। यह फैसला विल्लुपुरम की एक अदालत ने सुनाई है।
महिला आईपीएस अधिकारी ने फरवरी 2021 में दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर यात्रा के दौरान दास पर यौन उत्पीड़ने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद अन्नाद्रमुक की सरकार ने दास को निलंबित कर दिया था और जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बिठाई गई थी।
इस कमेटी के एक सदस्य ने कहा- 'इस मामले में पुलिस कर्मियों समेत 68 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। फिलहाल अधिकारी इस मामले में आगे अपील कर सकता है और तत्काल जमानत भी मांग सकता है।'
विज्ञापन
यह मामला 2021 में एक चुनावी मुद्दा बना था, जिसपर एमके स्टालिन ने सत्ता में आने के बाद उचित कानूनी प्रक्रिया और सजा का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन
महिला आईपीएस अधिकारी ने फरवरी 2021 में दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर यात्रा के दौरान दास पर यौन उत्पीड़ने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद अन्नाद्रमुक की सरकार ने दास को निलंबित कर दिया था और जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बिठाई गई थी।
विज्ञापन
इस कमेटी के एक सदस्य ने कहा- 'इस मामले में पुलिस कर्मियों समेत 68 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। फिलहाल अधिकारी इस मामले में आगे अपील कर सकता है और तत्काल जमानत भी मांग सकता है।'
विज्ञापन
यह मामला 2021 में एक चुनावी मुद्दा बना था, जिसपर एमके स्टालिन ने सत्ता में आने के बाद उचित कानूनी प्रक्रिया और सजा का आश्वासन दिया था।