{"_id":"62737a35dc36c035687341f0","slug":"tamil-nadu-dmk-mps-will-donate-their-one-month-salary-to-cm-fund-for-sri-lanka","type":"story","status":"publish","title_hn":"द्रमुक की दरियादिली : श्रीलंका की मदद करेंगे तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल के सांसद, एक-एक माह का वेतन देंगे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
द्रमुक की दरियादिली : श्रीलंका की मदद करेंगे तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल के सांसद, एक-एक माह का वेतन देंगे
Thu, 05 May 2022 12:48 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 05 May 2022 12:48 PM IST
सार
श्रीलंका में चल रहा संकट विदेशी मुद्रा की कमी के कारण हुआ है, जिसका अर्थ है कि देश मुख्य खाद्य पदार्थों और ईंधन के आयात के लिए भुगतान नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन
श्रीलंका में विरोध करतीं महिलाएं
- फोटो : Agency
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जबर्दस्त आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मदद के लिए तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड मुनेत्र कषगम (DMK) के सांसद आगे आए हैं। द्रमुक सांसद अपना एक-एक माह का वेतन श्रीलंका की मदद के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे।
विज्ञापन
द्रमुक के सांसदों ने यह फैसला तमिलनाडु के मुख्यमंत्री व पार्टी के अध्यक्ष एम के स्टालिन की अपील पर किया। स्टालिन ने श्रीलंका के लोगों की मदद के लिए चंदा देने की अपील की है, जबकि पार्टी पहले ही इस उद्देश्य के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा कर चुकी है। पार्टी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि द्रमुक के लोकसभा और राज्यसभा सांसद अपने एक महीने के वेतन का योगदान मुख्यमंत्री जन राहत कोष में करेंगे। स्टालिन ने मंगलवार को लोगों से अपील की थी कि वे श्रीलंका की मदद के लिए तमिलनाडु सरकार को दान करें।
विज्ञापन
श्रीलंका में चल रहा संकट विदेशी मुद्रा की कमी के कारण हुआ है, जिसका अर्थ है कि देश मुख्य खाद्य पदार्थों और ईंधन के आयात के लिए भुगतान नहीं कर पा रहा है। भारतीय उच्चायोग के एक बयान में कहा गया है कि भोजन, दवाओं और अन्य जरूरी सामान की खरीद के लिए 1 अरब डालर की क्रेडिट सुविधा पहले से ही चालू है, साथ ही कहा कि भारत की ओर से लगभग 16,000 मीट्रिक टन चावल भी वितरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
बयान में कहा गया है कि क्रेडिट लाइन के तहत चावल, दवाओं और औद्योगिक कच्चे माल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अतिरिक्त खेप दी जा रही है। डीजल, पेट्रोल और विमानन ईंधन जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद के लिए 500 मिलियन डॉलर की एक अलग मदद दी जाएगी जिसमें विभिन्न प्रकार के ईंधन की 9 खेपों की डिलीवरी होनी है।
इस साल अप्रैल में सिंहली और तमिल नव वर्ष से पहले भारत ने सद्भावना के रूप में अतिरिक्त 11,000 मीट्रिक टन चावल भेजा था। फरवरी में नई दिल्ली ने ईंधन स्टॉक की खरीद के लिए श्रीलंका को 500 अरब डॉलर का अल्पकालिक ऋण दिया था। बयान में कहा गया है कि अब तक करीब 400,000 मीट्रिक टन ईंधन की आपूर्ति की जा चुकी है और जल्द ही और खेप आ जाएगी।