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Tamil Nadu: तिरुवन्नामलाई-मदुरै में कार्तिगाई दीपम को लेकर विवाद, HC के आदेश पर CISF सुरक्षा में जलाया गया दीप
Wed, 03 Dec 2025 11:01 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै / तिरुवन्नामलाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै / तिरुवन्नामलाई
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 03 Dec 2025 11:01 PM IST
सार
कार्तिगाई दीपम तमिल परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो ज्ञान की ज्योति और अंधकार पर विजय का प्रतीक माना जाता है। तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर सुबरमण्य स्वामी मंदिर और पास में स्थित सिकंदर बादशाह दरगाह दोनों स्थित हैं, जो इस स्थान को धार्मिक विविधता का प्रतीक बनाते हैं।
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महादीपम (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु में कार्तिगाई दीपम पर्व के अवसर पर जहां तिरुवन्नामलाई में हजारों श्रद्धालुओं ने आनंदमलै पहाड़ी पर महादीपम जलाये जाने का भव्य नजारा देखा, वहीं इससे पहले मदुरै के तिरुप्परनकुंद्रम में दीप प्रज्वलन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने आदेश दिया कि विवादित दीपथून (प्राचीन पत्थर के स्तंभ) पर दीप जलाया जाए और इस प्रक्रिया के लिए याचिकाकर्ता को सीआईएसएफ सुरक्षा प्रदान की जाए।
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क्या हुआ विवाद?
तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक प्राचीन दीपथून स्तंभ है, जहां परंपरानुसार कार्तिगाई दीपम जलाया जाता था। लेकिन मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इस वर्ष वहां दीप जलाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बजाय दीप सामान्य स्थान, उच्ची पिल्लैयार मंडपम, पर जलाया गया। इसका विरोध हिंदू संगठनों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने किया और हाईकोर्ट आदेश लागू न होने पर प्रदर्शन शुरू हो गए।
हाईकोर्ट की नाराजगी
हाईकोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'दीप घर भर में जलते हैं, सिर्फ पूजा घर में नहीं। इस साल से दीपथून पर दीप जलना चाहिए। कोर्ट के आदेश का पालन करना पुलिस का कर्तव्य है।' उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दीप शाम 6 बजे तक नहीं जलाया गया तो 6:05 बजे से अवमानना की कार्यवाही शुरू होगी।
स्थिति तनावपूर्ण
जब याचिकाकर्ता राम रवीकुमार और सीआईएसएफ सुरक्षा टीम पहाड़ी की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिला प्रशासन ने धारा बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित आदेश लागू किया था। इसके चलते श्रद्धालु बैरिकेड तोड़कर चढ़ने की कोशिश करने लगे, पुलिस ने उन्हें रोका वहीं धक्का-मुक्की में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। हिंदू मुन्नानी ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन ने जानबूझकर कोई व्यवस्था नहीं की।
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राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विवाद पर भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने डीएमके सरकार और मंदिर प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'सरकार एचआर एवं सीई विभाग का इस्तेमाल हिंदुओं की परंपराओं के खिलाफ कर रही है।'
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#WATCH | Tiruvannamalai, Tamil Nadu: A large number of devotees throng the Mada Street to witness the lighting of the Mahadeepam atop the Anamalai Hills as part of the Karthigai Deepam festival. pic.twitter.com/8VKfuqVhnA
— ANI (@ANI) December 3, 2025विज्ञापन
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क्या हुआ विवाद?
तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर एक प्राचीन दीपथून स्तंभ है, जहां परंपरानुसार कार्तिगाई दीपम जलाया जाता था। लेकिन मंदिर प्रबंधन और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर इस वर्ष वहां दीप जलाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बजाय दीप सामान्य स्थान, उच्ची पिल्लैयार मंडपम, पर जलाया गया। इसका विरोध हिंदू संगठनों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने किया और हाईकोर्ट आदेश लागू न होने पर प्रदर्शन शुरू हो गए।
हाईकोर्ट की नाराजगी
हाईकोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामिनाथन ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'दीप घर भर में जलते हैं, सिर्फ पूजा घर में नहीं। इस साल से दीपथून पर दीप जलना चाहिए। कोर्ट के आदेश का पालन करना पुलिस का कर्तव्य है।' उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दीप शाम 6 बजे तक नहीं जलाया गया तो 6:05 बजे से अवमानना की कार्यवाही शुरू होगी।
Madurai, Tamil Nadu: The Madurai Bench of the Madras High Court has ordered that, with the assistance of the CISF, the petitioners may go up the Thiruparankundram hill and light the lamp on the Deepam pillar located near Sikandar Dargah. In a short while, the petitioners will be… https://t.co/S5cs24O2hd
— ANI (@ANI) December 3, 2025
स्थिति तनावपूर्ण
जब याचिकाकर्ता राम रवीकुमार और सीआईएसएफ सुरक्षा टीम पहाड़ी की ओर बढ़े, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिला प्रशासन ने धारा बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित आदेश लागू किया था। इसके चलते श्रद्धालु बैरिकेड तोड़कर चढ़ने की कोशिश करने लगे, पुलिस ने उन्हें रोका वहीं धक्का-मुक्की में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। हिंदू मुन्नानी ने आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन ने जानबूझकर कोई व्यवस्था नहीं की।
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राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विवाद पर भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने डीएमके सरकार और मंदिर प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'सरकार एचआर एवं सीई विभाग का इस्तेमाल हिंदुओं की परंपराओं के खिलाफ कर रही है।'