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Tamil Nadu Custodial Death: पुलिस हिरासत में मौत मामले में स्टालिन ने मृतक के भाई को दी नौकरी, घर देने का एलान

Wed, 02 Jul 2025 01:16 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 02 Jul 2025 01:16 PM IST
सार

पुलिस हिरासत में हुई युवक की संदिग्ध मौत के मामले ने सरकार को सवाल उठा दिए हैं। अब सरकार ने पीड़ित परिवार को बड़ी राहत देने का एलान किया है। सीबीआई जांच का आदेश देने के बाद सीएम स्टालिन ने मृतक अजित कुमार के छोटे भाई को सरकारी नौकरी देने की बात कही है। 

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Tamil Nadu Custodial Death: CM Stalin govt offers job, land to victim's family,  After political furore
एमके स्टालिन - फोटो : PTI

विस्तार

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में पुलिस हिरासत में हुई युवक की संदिग्ध मौत का मुद्दा इन दिनों पूरे राज्य में छाया हुआ है। 29 वर्षीय अजीत कुमार की मौत को लेकर विपक्ष से लेकर आम जनता तक में भारी आक्रोश है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने पीड़ित परिवार को बड़ी राहत देने का एलान किया है। उन्होंने अजित कुमार के छोटे भाई को एएवीआईएन सुविधा में नौकरी की पेशकश की है। साथ ही परिवार को एक आवासीय भूखंड आवंटित किया है। राज्य सरकार के एलान के मुताबिक, अजित कुमार के भाई नवीन कुमार को राज्य सरकार नियंत्रित दुग्ध सहकारी समिति में टेक्नीशियन के पद पर नियुक्त किया जाएगा।

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इससे एक दिन पहले ही सीएम स्टालिन ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था। सीएम स्टालिन ने कहा था, 'माननीय उच्च न्यायालय ने कहा था कि सीबी-सीआईडी इस मामले में अपनी जांच जारी रख सकती है। लेकिन मैं नहीं चाहता कि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल उठे। इसलिए, मैं इस मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश दे रहा हूं। तमिलनाडु सरकार सीबीआई को पूरा सहयोग देगी।'
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इसके अलावा, सीएम स्टालिन ने मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की भी आलोचना की थी। इसके अलावा, अजितकुमार के परिजनों से फोन करके बात की थी। उन्होंने अपनी संवेदना जताते हुए अजित कुमार की मां से माफी मांगते हुए हर तरह की मदद का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को सख्त संदेश देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए।  
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परिजनों को मंत्री ने सौंपा मकान का पट्टा
तमिलनाडु के सहकारिता मंत्री के आर पेरियाकरुप्पन ने बुधवार को शिवगंगा जिले में एक मंदिर के निजी सुरक्षाकर्मी के परिवार को द्रमुक की ओर से मकान का पट्टा, नौकरी नियुक्ति आदेश और 5 लाख रुपये की सहायता राशि सौंपी। मंदिर रक्षक की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

मंत्री पेरियाकरुप्पन ने मदप्पुरम गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और शिवगंगा जिला कलेक्टर के पोरकोडी और मनमादुरी विधायक तमिलरासी रविकुमार की उपस्थिति में अजीत कुमार के भाई नवीन कुमार को नौकरी का नियुक्ति आदेश सौंपा। 

 क्या था मामाला
मदप्पुरम  भत्रकाली अम्मन मंदिर में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत अजीत कुमार को 27 जून को पुलिस ने 9.5 सोने के सिक्कों की चोरी के मामले में हिरासत में लिया था। कथित तौर पर उन्हें छह सदस्यीय विशेष टीम द्वारा हिरासत में लिया गया और हिरासत में बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले मे तमिलनाडु में लोगों के बीच बड़ा आक्रोश पैदा कर दिया है। मौत की खबर सामने आते ही स्थानीय लोगों और अजीत कुमार के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।

पांच पुलिसकर्मी गिरफ्तार
अब तक, इस मामले में थिरुप्पुवनम पुलिस स्टेशन के पांच पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, शिवगंगा के पुलिस अधीक्षक आशीष रावत को अनिवार्य प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। पुलिस उपाधीक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 44 जगह चोटों का दावा
अदालत को सौंपी गई प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि अजित के शरीर पर कम से कम 44 जगह चोटें थीं। इसके अलावा, कथित तौर पर उसके जननांग, मुंह और कानों पर मिर्च पाउडर पाया गया था। 


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मद्रास उच्च न्यायालय ने की थी तीखी टिप्पणी
मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि राज्य ने अपने ही एक नागरिक की हत्या कर दी है। मद्रास उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने मदुरै जिला न्यायालय के न्यायाधीश को कथित हिरासत हत्या की जांच करने और 8 जुलाई तक रिपोर्ट देने का भी आदेश दिया है। अदालत ने हिरासत में रहते हुए पीड़ित को लगी चोटों की प्रकृति पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि घटना पर राज्य की प्रतिक्रिया अपर्याप्त थी और वरिष्ठ पदों पर बैठे अधिकारियों सहित सभी संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की।


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