सफाई कर्मचारी के 549 पदों के लिए सात हजार इंजीनियर, स्नातक ने किया आवेदन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में बेरोजगारी का हाल इस कदर है कि निम्न श्रेणी के पदों के लिए भी इंजीनियर, स्नातक धारक आवेदन कर रहे हैं। ऐसा एक बार फिर देखने को मिला जब तमिलनाडु में कोयम्बटूर सिटी म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन में 549 ग्रेड-1 सफाईकर्मियों के पदों के लिए कुल 7000 आवेदन आए। इसमें हैरान करने वाली बात यह है कि लगभग सभी आवेदन इंजीनियर, स्नातकों और डिप्लोमा धारकों ने किया है।
Tamil Nadu: 7000 graduates including engineers applied for 549 grade-1 sanitary worker posts in Coimbatore City Municipal Corporation (CCMC). Arun Kumar,BE in Mechatronics says,"I completed my engineering but I couldn't get a job in my field.I want a job now. So,I'm here" (28.11) pic.twitter.com/6Gu3hrCir2
— ANI (@ANI) November 29, 2019विज्ञापन
आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी कि निगम ने सफाईकर्मी के पदों के लिए आवेदन मांगे। जिसके बाद 7000 आवेदक तीन दिवसीय साक्षात्कार और प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए आए। सत्यापन में पाया गया कि लगभग 70 प्रतिशत उम्मीदवारों ने एसएसएलसी की न्यूनतम योग्यता पूरी कर ली और हैरान करने वाली बात यह थी कि उनमें से अधिकांश इंजीनियर, स्नातकोत्तर, स्नातक और डिप्लोमा धारक थे।
उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में, यह पाया गया कि आवेदक पहले से ही निजी कंपनियों में कार्यरत थे, लेकिन सरकारी नौकरी की चाहत के चलते इन सभी ने सफाईकर्मी के पदों के लिए आवेदन किया। वहीं, पाया गया कि पिछले 10 सालों से अनुबंध पर कार्य कर रहे श्रमिकों ने भी इस स्थायी नौकरी को पाने की चाहत में आवेदन किया।
उन्होंने बताया कि कई स्नातक आवेदकों को योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिली थी, जिसके बाद वे अपने परिवार के गुजारे के लिए निजी कंपनियों में छह-सात हजार की नौकरी कर रहे थे। उनसे इन कंपनियों में 12-12 घंटों तक काम करवाया जाता था।
दूसरी ओर, सफाईकर्मियों को नौकरी में उन्हें केवल सुबह तीन घंटे और शाम को तीन घंटे काम करना होता है, इसके बदले उन्हें 20 हजार रुपये तनख्वाह मिलती है। इसके अलावा अवकाश के दौरान अन्य छोटे करने का विकल्प भी होता है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए इन सभी ने इसके लिए आवेदन किया।
जब छात्रों से पूछा गया तो उनका कहना था कि योग्यता अनुसार नौकरी ना मिलने और बेरोजगारी के बढ़ने के चलते उन्होंने इस पद के लिए आवेदन किया है। ऐसे ही एक छात्र जिसने मेक्ट्रोनिक्स में डिग्री ली थी ने कहा कि मैंने अपनी इंजीनियरिंग पूरी कर ली है लेकिन मुझे अपने क्षेत्र में नौकरी नहीं मिल रही है। मुझे अब नौकरी चाहिए। इसलिए, मैं यहां नौकरी के लिए आया हूं।