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Tamil Nadu: कर्नाटक के बाद तमिलनाडु में अमूल के दूध की एंट्री पर विवाद, CM ने गृहमंत्री के सामने रखी ये मांग

Thu, 25 May 2023 01:47 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 25 May 2023 01:47 PM IST
सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मांग की है कि वह अमूल की एंट्री पर रोक लगाए। इससे पहले, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दो दुग्ध उत्पादक ब्रांड्स को लेकर टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी।

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Tamil nadu cm writes a letter to amit shah requests him to stop amul from buying milk from aavin in tamil nadu
Tamil Nadu CM Stalin - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक के बाद अब तमिलनाडु में अमूल के दूध की एंट्री को लेकर विवाद छिड़ गया है। मामला इतना बढ़ गया की राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को केंद्र के गृहमंत्री अमित शाह को पत्र तक लिखना पड़ गया। दरअसल, सीएम स्टालिन ने पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वह तत्काल हस्तक्षेप करके अमूल को तमिलनाडु के आविन के मिल्क शेड क्षेत्र से दूध की खरीद से रोकें। 

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कर्नाटक में उपजा था विवाद
गौरतलब है, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दो दुग्ध उत्पादक ब्रांड्स को लेकर टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। पिछले दिनों अमूल ने कर्नाटक में अपनी एंट्री की घोषणा की थी, जिसके बाद यहां के विपक्षी दलों कांग्रेस और जेडीएस ने आरोप लगाया कि सरकार लोकल ब्रांड नंदिनी को खत्म करने की साजिश कर रही है। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा था कि कांग्रेस को हर चीज में राजनीति करनी है। इसी बीच, बेंगलुरु के एक होटल संगठन बृहत बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने शहर में अमूल के उत्पादों का बहिष्कार का एलान किया था। साथ ही इसने कर्नाटक के किसानों को समर्थन देने के लिए सिर्फ लोकल ब्रांड नंदिनी का ही प्रयोग करने को कहा था।
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अमूल ब्रांड को लेकर विवाद क्या है?
देश की सबसे बड़ी दुग्ध उत्पादक कंपनियों में से एक अमूल और कर्नाटक के स्थानीय ब्रांड नंदिनी को लेकर विवाद की स्थिति शुरू हुई थी। दरअसल, पांच अप्रैल को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (GCMMF), जो कि अपने डेयरी उत्पाद अमूल ब्रांड के अंतर्गत बेचता है, ने ट्वीट किया था कि वह कर्नाटक में एंट्री के लिए तैयार है। अमूल के इस ट्वीट के बाद कर्नाटक में राजनीति भी शुरू हो गई। राजनीतिक दलों ने राज्य में होने वाले चुनाव के मद्देनजर एक नए ब्रांड की एंट्री को चुनावी मुद्दा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 
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यह भी पढ़ें- Amul vs Nandini: कर्नाटक चुनाव से पहले विवाद में क्यों दूध के ब्रांड्स? जानें देश के बड़े उत्पादकों के बारे मे


इसके लिए इन पार्टियों ने कर्नाटक की स्थानीय डेयरी उत्पाद निर्माता कंपनी कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) का सहारा लिया, जो कि नंदिनी ब्रांड के अंतर्गत अपने उत्पाद बेचता है। अमूल के ट्वीट के बाद ट्विटर पर नंदिनी को बचाओ और अमूल वापस जाओ जैसे हैशटैग ट्रेंड होने लगे। 

मामले में राजनीति कैसे हावी हुई?
कर्नाटक में अमूल की एंट्री चुनाव के मद्देनजर एक अहम मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह राज्य के एक बेहतरीन डेयरी ब्रांड नंदिनी को खत्म करने की साजिश कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अमूल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नंदिनी के मुद्दे को राज्य की पहचान से जोड़ दिया था। उन्होंने कहा था कि सभी कन्नड़ साथियों को शपथ लेनी चाहिए कि वे अमूल के उत्पाद नहीं खरीदेंगे। कांग्रेस के साथ कर्नाटक में अहम विपक्षी दल जेडीएस ने भी नंदिनी बनाम अमूल विवाद पर भाजपा को घेरा। पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी ने भी कहा कि भाजपा कन्नड़ों की लाइफलाइन को ही खत्म करना चाहती है। उन्होंने केंद्र पर तीन तरह से कर्नाटक के ब्रांड को खत्म करने का आरोप लगाया था।

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