Karnataka: कर्नाटक चुनावों में प्रचार कर सकते हैं तमिलनाडु सीएम स्टालिन, विपक्षी एकता दिखाने की कोशिश
कर्नाटक तमिलनाडु के साथ सीमाओं को साझा करता है। कर्नाटक लगभग पांच प्रतिशत तमिलों का घर है। बेंगलुरु, मैसूर, कोलार चामराजनगर, हुबली और शिमोगा में तमिल मतदाताओं की जनसंख्या काफी अच्छी है। द्रविड़ वोटों के कारण कांग्रेस का मानना है कि तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन और कनिमोझी अच्छे प्रचारक हो सकते हैं।
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कर्नाटक चुनाव में सभी पार्टियां अपना जोर आजमा रही हैं। कांग्रेस-भाजपा सहित तमाम पार्टियां प्रचार में जुटी हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और डीएमके नेता कनिमोझी भी कांग्रेस के लिए प्रचार करने कर्नाटक आ सकते हैं। अगर स्टालिन प्रचार करने कर्नाटक आते हैं तो यह विपक्ष को एकजुट करने की कांग्रेस के प्रयासों में बड़ा कदम साबित होगा। कर्नाटक में 10 मई को मतदान होंगे और 13 मई को वोटों की गिनती होगी।
यह है पूरा मामला
कर्नाटक तमिलनाडु के साथ सीमाओं को साझा करता है। कर्नाटक लगभग पांच प्रतिशत तमिलों का घर है। बेंगलुरु, मैसूर, कोलार चामराजनगर, हुबली और शिमोगा में तमिल मतदाताओं की जनसंख्या काफी अच्छी है। द्रविड़ वोटों के कारण कांग्रेस का मानना है कि तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन और कनिमोझी अच्छे प्रचारक हो सकते हैं। राज्य में तमिलों को लुभाने में डीएमके नेता मददगार साबित हो सकते हैं। इससे कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में सरकार बनाने में मदद मिल सकती है। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने बताया कि कांग्रेस कई विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत कर रही है, जो कर्नाटक में पार्टी के लिए प्रचार भी कर सकते हैं।