{"_id":"667eb67d586028a3740df301","slug":"tamil-nadu-assembly-passes-resolution-again-urging-centre-to-exempt-state-from-neet-news-in-hindi-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tamil Nadu: विधानसभा में नीट को खत्म करने के लिए एक बार फिर प्रस्ताव पारित, भाजपा की सहयोगी PMK ने किया समर्थन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tamil Nadu: विधानसभा में नीट को खत्म करने के लिए एक बार फिर प्रस्ताव पारित, भाजपा की सहयोगी PMK ने किया समर्थन
Fri, 28 Jun 2024 06:45 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 28 Jun 2024 06:45 PM IST
सार
सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि गरीब और ग्रामीण छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा को पहुंच के बाहर करने के अलावा नीट ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को भी प्रभावित करेगा।
विज्ञापन
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन
- फोटो : ANI
विस्तार
तमिलनाडु विधानसभा ने एक बार फिर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र से राज्य को राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा से छूट देने का आग्रह किया। इसके साथ ही प्लस टू परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्रों को मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की अनुमति देने की मांग की। भाजपा की सहयोगी पीएमके ने मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एमके स्टालिन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का समर्थन किया। सीएम स्टालिन ने सदन में कहा कि यह परीक्षा भेदभावपूर्ण थी। इसमें ग्रामीण और गरीब छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अवसर से वंचित कर दिया गया था।
विज्ञापन
अन्नाद्रमुक का राज्य सरकार पर आरोप
अन्नाद्रमुक नेता और पूर्व सीएम एडप्पादी पलानीस्वामी ने द्रमुक पर नीट (NEET) को खत्म करने के लिए कम प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया, "तीसरी बार विधानसभा में प्रस्ताव लाने का क्या मतलब है?" अन्नाद्रमुक नेता ने कहा, "यह द्रमुक सरकार का राजनीतिक ड्रामा है। लोग पर ऐसे राजनीतिक हथकंडों पर विश्वास नहीं करते हैं।"
विज्ञापन
विधानसभा में भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "नीट की जरूरत है। नीट के खिलाफ विधानसभा का प्रस्ताव अस्वीकार्य है। हम वॉक आउट कर रहे हैं।" नागेंद्रन के साथ अन्य भाजपा नेताओं ने भी वॉक आउट किया।
विज्ञापन
नीट को खत्म करने की मांग
सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए सीएम स्टालिन ने कहा कि गरीब और ग्रामीण छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा को पहुंच के बाहर करने के अलावा नीट ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को भी प्रभावित करेगा। उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा केंद्र को लिखी गई चिट्ठियों का हवाला दिया। इस चिट्ठी में नीट के संचालन में अनियमितताओं के बाद नीट को खत्म करने क मांग की गई थी।
स्टालिन ने कहा कि नीट को खत्म कर देना चाहिए। कई राज्यों में अनियमितताओं के विरोध को ध्यान में रखते हुए केंद्र को नीट को पूरी तरह से खत्म करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम में संशोधन करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने शुक्रवार को एक बार फिर केंद्र से राज्य को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा से छूट देने और राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रणाली को खत्म करने का आग्रह किया। राज्य के लिए एनईईटी की छूट के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक पत्र लिखा। इसमें उन्होने कहा कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए चयन प्रक्रिया एक अलग प्रवेश परीक्षा के बजाय केवल 12 वीं कक्षा के अंकों के माध्यम से होनी चाहिए, जो छात्रों पर एक अवांछित अतिरिक्त तनाव है।
आगे उन्होंने कहा कि इस संबंध में, हमने तमिलनाडु को एनईईटी से छूट देने और 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश प्रदान करने के लिए हमारी विधान सभा में सर्वसम्मति से एक विधेयक पारित किया था। इसे राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा गया है लेकिन सहमति अभी भी लंबित है।
उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर तमिलनाडु की एनईईटी छूट की मांग पर उनका समर्थन मांगा। इस बीच, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में अपने समकक्षों को संबोधित अलग-अलग पत्रों में, स्टालिन ने उनसे एनईईटी को खत्म करने के लिए अपनी-अपनी विधानसभाओं में एक समान प्रस्ताव पारित करने पर विचार करने का अनुरोध किया।