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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बोले- ताज मोहब्बत की निशानी, इबादत की नहीं, मुगलों को बताया 'अय्याश'

Tue, 17 Oct 2017 06:15 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Tue, 17 Oct 2017 06:15 PM IST
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Taj Mahal cannot be a symbol of worship, most Mughals were ‘aiyaash’: Shia Waqf Board chairman
ताजमहल पर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन भी कूद पड़े हैं। बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा कि ताजमहल प्यार का प्रतीक हो सकता है लेकिन पूजा का नहीं। यही नहीं, भाजपा विधायक संगीत सोम की तरह ही उन्होंंने मुगल शासकों पर भी निशाना साधा।
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रिजवी ने कहा कि एक दो को छोड़कर ज्यादातर मुगल शासक अय्याश थे मगर उन्हें मुस्लिम अपना आदर्श नहीं मानते हैं। इस दौरान रिजवी ने अयोध्या में राम मंदिर और वहां लगने वाली भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति पर भी अपनी बात रखी। रिजवी ने कहा कि दुख की बात है कि राम प्रतिमा के निर्माण का विरोध किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार के निर्णय को अच्छा कदम बताते हुए कहा यह अच्छी बात है क्योंकि अयोध्या हिंदू विरासत का केंद्र है।

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वहीं उन्होंने बसपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब मायावती ने अपनी मूर्तियां बनाईं तो किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया, समझ में नहीं आ रहा है कि राम की मूर्ति बनाने पर क्यों समस्या है?

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योगी बोले- हमारे लोगों के खून पसीने से बना है ताजमहल

Taj Mahal cannot be a symbol of worship, most Mughals were ‘aiyaash’: Shia Waqf Board chairman
इससे पूर्व आज दिन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान भी आया जब उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि ताजमहल को किसने और क्यों बनवाया। यह भारत के मजदूरों के खून और पसीने से बना है। इसलिए यह हमारे लिए बहुत खास है। पर्यटन की दृष्टि से यह हमारी प्राथमिकता में है और पर्यटकों को सुविधाएं एवं सुरक्षा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विश्व पर्यटन दिवस पर जारी की गई बुकलेट 'उत्तर प्रदेश पर्यटन-अपार संभावनाएं' में ताजमहल को जगह नहीं दी गई है।

इसके बाद से विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरता आ रहा है। मामले पर सफाई देते हुए उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा था ‌कि राज्य सरकार ताज महल तथा उससे जुड़े पर्यटक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

ताजमहल और आगरा का विकास भारत सरकार और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विश्व बैंक के सहयोग से संचालित प्रो-पुअर टुरिज्म योजना के तहत इसका विकास करेंगे।

मेरठ के सरधना से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने इस मुद्दे को और तूल दे दिया। बाबर, अकबर और औरंगजेब को 'गद्दार' कहते हुए उन्होंने इनके नाम को इतिहास से हटाने का ऐलान कर दिया।

साथ ही कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करके इन्हें महापुरुष बताया गया। संगीत सोम के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इसे उनका व्यक्तिगत विचार बताते हुए किनारा कर लिया। 
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