शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बोले- ताज मोहब्बत की निशानी, इबादत की नहीं, मुगलों को बताया 'अय्याश'
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रिजवी ने कहा कि एक दो को छोड़कर ज्यादातर मुगल शासक अय्याश थे मगर उन्हें मुस्लिम अपना आदर्श नहीं मानते हैं। इस दौरान रिजवी ने अयोध्या में राम मंदिर और वहां लगने वाली भगवान राम की सबसे बड़ी मूर्ति पर भी अपनी बात रखी। रिजवी ने कहा कि दुख की बात है कि राम प्रतिमा के निर्माण का विरोध किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार के निर्णय को अच्छा कदम बताते हुए कहा यह अच्छी बात है क्योंकि अयोध्या हिंदू विरासत का केंद्र है।
वहीं उन्होंने बसपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब मायावती ने अपनी मूर्तियां बनाईं तो किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया, समझ में नहीं आ रहा है कि राम की मूर्ति बनाने पर क्यों समस्या है?
Taj Mahal can be symbol of love but not of worship, apart from 1-2 most Mughals were 'aiyaash', Muslims don't consider them idols: W. Rizvi pic.twitter.com/Q34mgKkuLd
— ANI UP (@ANINewsUP) October 17, 2017
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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विश्व पर्यटन दिवस पर जारी की गई बुकलेट 'उत्तर प्रदेश पर्यटन-अपार संभावनाएं' में ताजमहल को जगह नहीं दी गई है।
इसके बाद से विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरता आ रहा है। मामले पर सफाई देते हुए उत्तर प्रदेश की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा था कि राज्य सरकार ताज महल तथा उससे जुड़े पर्यटक स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
ताजमहल और आगरा का विकास भारत सरकार और प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। विश्व बैंक के सहयोग से संचालित प्रो-पुअर टुरिज्म योजना के तहत इसका विकास करेंगे।
मेरठ के सरधना से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने इस मुद्दे को और तूल दे दिया। बाबर, अकबर और औरंगजेब को 'गद्दार' कहते हुए उन्होंने इनके नाम को इतिहास से हटाने का ऐलान कर दिया।
साथ ही कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करके इन्हें महापुरुष बताया गया। संगीत सोम के इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने इसे उनका व्यक्तिगत विचार बताते हुए किनारा कर लिया।