ताइवान की राष्ट्रपति ने भारतीय पर्यटकों को हिंदी में कहा, धन्यवाद
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ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने अपने यहां घूमने के लिए आने वाले भारत के पर्यटकों को हिंदी भाषा में धन्यवाद देते हुए कहा, ‘आप सभी के ताइवान आने से हमें प्रोत्साहन मिला है, हम आगे भी अपने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाएंगे।’
अब तक चीन के पर्यटकों से चलने वाली ताइवान की अर्थव्यवस्था में पिछले साल रिकॉर्ड विदेशी पर्यटक पहुंचे थे जिनमें भारतीय पर्यटक भी शामिल रहे। ताइवानी राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने नौ भाषाओं में धन्यवाद बोलकर विदेशी सैलानियों का आभार जताते हुए भारतीय पर्यटकों के अनुशासन की तारीफ की।
उन्होंने ट्वीट किया - ‘2016 में सबसे ज्यादा लोग ताइवान आए। इसके लिए शुक्रिया। अब हम अपने बाजार को और भी विविध बनाएंगे और नए कदम उठाएंगे।’ उन्होंने अंग्रेजी, जापानी, कोरियन, थाई, इंडोनेशियन, तागालोग, वियतनामी, हिंदी और सरल चीनी भाषा में पर्यटकों को शुक्रिया कहा।
आंकड़ों के मुताबिक यहां 2016 में 1.069 करोड़ विदेशी लोग आए, जो 2015 के मुकाबले 2.4 फीसदी ज्यादा हैं। ताइवान के पर्यटन ब्यूरो का कहना है कि दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से पयर्टकों की संख्या में वृद्धि का एक कारण वीजा नियमों में ढील देना भी है।
चीन से खिंचा हुआ है ताइवान
ताइवान जाने वाले लोगों में अब भी सबसे ज्यादा पर्यटक चीन से हैं, लेकिन 2015 की तुलना में 2016 के भीतर चीन के पर्यटकों की तादाद 16.1 प्रतिशत कम रही, जबकि जापानी सैलानियों की संख्या में 16.5 प्रतिशत वृद्धि हुई।
ताइवान जाने वाले चीनियों की संख्या में कमी का एक कारण हाल में उनके बीच संबंधों में आया तनाव हो सकता है। पिछले साल जून में राष्ट्रपति साई ने ‘एक चीन’ की नीति का समर्थन करने से इंकार कर दिया था। तब से ताइवान और चीन के बीच संबंधों में दरार बढ़ गई है।
चीन और ताइवान के रिश्ते हमेशा जटिलताओं का शिकार रहे हैं। ताइवान 1950 से स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश की हैसियत से अस्तित्व में है, लेकिन चीन उसे अपना हिस्सा समझता है।