India-Taiwan: ताइपे के राजदूत बोले- ताइवान जलडमरूमध्य में शांति बनाए रखने के लिए भारत से हाथ मिलाने को उत्सुक
ताइपे के प्रभारी राजदूत बॉशुआन गेर ने कहा कि उनका देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और ताइवान जलडमरूमध्य व हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए भारत के साथ हाथ मिलाने के लिए उत्सुक है।
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ताइवान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और ताइवान जलडमरूमध्य व हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता की रक्षा के लिए भारत और अन्य समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ हाथ मिलाने को लेकर उत्सुक हैं। ताइपे के प्रभारी राजदूत बॉशुआन गेर ने शनिवार को यह बात कही।
चीन का नाम लिए बिना राजदूत ने कहा, ताइवान को निरंतर क्रॉस-स्ट्रेट सैन्य धमकी और ग्रे-जोन खतरों का सामना करना पड़ रहा है, उसके बावजूद उसने अपनी आत्मरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना जारी रखा है और भलाई के लिए एक ताकत के रूप में काम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
तेईस मिलियन से ज्यादा आबादी वाले स्व-शासित द्वीप के खिलाफ चीन अपनी सैन्य कार्रवाई बढ़ा रहा है, जिससे वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं। गेर ने कहा,'ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता का संरक्षण अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आम सहमति का विषय बनता जा रहा है। हम दबाव के आगे झुके बिना अपनी कड़ी मेहनत से हासिल की गई लोकतांत्रिक जीवन शैली की रक्षा के लिए अपनी पूरी कोशिश करना जारी रखेंगे।'
यह टिप्पणी उन्होंने शुक्रवार रात एक स्वागत समारोह में की, जो आगामी ताइवानी राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए आयोजित किया गया था, जो 10 अक्तूबर को है। उन्होंने कहा कि ताइवान एक लचीली और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखेगा जो महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी को शोषण से बचाता है।
राजदूत ने आगे कहा, चूंकि ज्यादातर देश अपने सोर्सिंग विकल्पों में विविधता लाकर साझा समृद्धि को संरक्षित करना चाहते हैं, ताइवान एक मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है जो महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी को शोषण से बचाता है।
उन्होंने कहा, 'हम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए भारत सहित अपने समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ हाथ मिलाने के लिए तत्पर हैं, ताकि ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता की रक्षा की जा सके और एक स्वतंत्र व खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित किया जा सके और नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।'
ताइवान दुनिया के लगभग 60 फीसदी से अधिक सेमीकंडक्टर और 90 फीसदी से अधिक सबसे उन्नत चिप का उत्पादन करता है जो स्मार्टफोन, कार पार्ट्स, डेटा सेंटर्स, फाइटर जेट और एआई प्रौद्योगिकियों जैसे लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आवश्यक हैं।