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फिर बिगड़े BJP सांसद के बोल: अब पूर्व CEC एसवाई कुरैशी के धार्मिक झुकाव पर बयान; वक्फ कानून की आलोचना से भड़के

Sun, 20 Apr 2025 06:37 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 20 Apr 2025 06:37 PM IST
सार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की तरफ से विवादित बयान देने का सिलसिला आज भी बरकरार है। कल सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई के बाद आज उनके निशाने पर पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी रहे। निशिकांत दुबे ने वक्फ एक्ट को लेकर पूर्व सीईसी की प्रतिक्रिया पर निशाना साधा है।

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SY Quraishi was not election commissioner but 'Muslim commissioner': Nishikant Dubey on Waqf Act criticism
निशिकांत दुबे, सांसद, भाजपा - फोटो : ANI

विस्तार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देकर सियासी हलचल मचा दी है। इस बार उन्होंने भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे चुनाव आयुक्त नहीं बल्कि 'मुस्लिम कमिश्नर' थे। निशिकांत दुबे का यह बयान तब आया है जब कुरैशी ने वक्फ (संशोधन) कानून को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी।
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एसवाई कुरैशी ने क्या कहा था?
17 अप्रैल को एक्स पर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने लिखा था, 'वक्फ अधिनियम निःसंदेह सरकार की एक खतरनाक और दुष्ट योजना है, जिसका मकसद मुस्लिम संपत्तियों पर कब्जा करना है। मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट इसे खारिज करेगा। शरारती प्रचार तंत्र ने अपना काम कर दिया है।'
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निशिकांत दुबे की तीखी प्रतिक्रिया
रविवार को भाजपा सांसद ने पूर्व सीईसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'आप चुनाव आयुक्त नहीं थे, मुस्लिम कमिश्नर थे। आपके कार्यकाल में झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में सबसे ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोटर बनाया गया।' उन्होंने आगे कहा, 'पैगंबर मुहम्मद का इस्लाम 712 ईस्वी में भारत आया था। उससे पहले जो जमीनें वक्फ की गईं, वे हिंदुओं, आदिवासियों, जैनों या बौद्धों की थीं।'


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भाजपा सांसद ने इतिहास का दिया हवाला
निशिकांत दुबे ने अपने गांव विक्रमशिला का भी जिक्र किया, जिसे 1189 में बख्तियार खिलजी ने जला दिया था। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय ने दुनिया को पहला 'वाइस चांसलर' – अतीश दीपनकर – दिया था। उन्होंने आगे कहा, 'देश को एकजुट करो, इतिहास पढ़ो। पाकिस्तान पहले ही बंटवारे से बना था। अब और कोई बंटवारा नहीं होगा'।

पार्टी ने खारिज किया था पिछला बयान
एक दिन पहले ही निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना पर भी तीखा हमला किया था, जिसके बाद बीजेपी को उनके बयान से दूरी बनानी पड़ी थी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह निशिकांत दुबे की व्यक्तिगत राय है और इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।

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