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Kolkata: पुलिस आयुक्त से राष्ट्रपति पदक वापस लेने को शुभेंदु ने शाह को लिखा पत्र, कहा- सबूतों को मिटाने और...

Thu, 05 Sep 2024 02:50 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 05 Sep 2024 02:50 PM IST
सार

शुभेंदु अधिकारी ने अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि विनीत गोयल के कार्यों ने 168 वर्षों में कोलकाता पुलिस की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है और पश्चिम बंगाल पुलिस को शर्मिंदा किया है। 

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Suvendu Adhikari writes to Amit Shah, requests to forfeit medal conferred to police commissioner news in hindi
कोलकाता की घटना के विरोध में जारी प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में देशभर नाराजगी है। वहीं राज्य में तनाव भरे हालात बने हुए है। इन सबके बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उनसे अनुरोध किया है कि वे वर्तमान में कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को दिए गए राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक को वापस ले लें। 

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यह है मामला
ड्यूटी पर तैनात प्रशिक्षु डॉक्टर का शव नौ अगस्त को सरकारी अस्पताल के सेमिनार कक्ष में मिला था, जिससे देशभर में गुस्सा फैल गया था। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई अगस्त के दूसरे सप्ताह से मामले की जांच कर रही है। एक तरफ लोगों को गुस्सा दूसरी तरफ सियासी हंगामा बढ़ता जा रहा है। भाजपा लगातार कोलकाता पुलिस के इस मामले को संभालने के तरीके पर सवाल उठाती आ रही है। अब जांच सीबीआई के पास है। पीड़िता के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की और मामले को दबाने की कोशिश की।
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बेटी की शव के साथ पुलिस ने की रिश्वत की पेशकश
जूनियर डॉक्टर्स लगातार धरना देकर अपराधियों को समय पर नहीं पकड़ने के लिए शहर के पुलिस प्रमुख के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आरजी कार दुष्कर्म और हत्या मामले ने गुरुवार को एक नया मोड़ ले लिया। मृतका डॉक्टर के परिवार का दावा है कि जब उन्हें शव सौंपा गया था तो एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामला दबाने के लिए उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की थी, जिसे उनके द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। 
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शाह को लिखे पत्र में क्या कहा?
इसी को लेकर शुवेंदु अधिकारी ने अमित शाह को पत्र लिखा। उन्होंने इसमें कहा कि आप जानते हैं कि माननीय राष्ट्रपति ने मेधावी सेवा या वीरता और अपने कर्तव्य के प्रति उत्कृष्ट समर्पण को ध्यान में रखते हुए भारतीय संघ के विभिन्न पुलिस बलों के सदस्यों को राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक दिए हैं।  

विजेताओं के लिए बहुत सम्मान की बात
उन्होंने आगे पत्र में कहा कि आप इस बात की सराहना करेंगे कि ऐसे प्रतिष्ठित पदक विजेताओं के लिए बहुत सम्मान और गौरव का विषय है। यह पुरस्कार टीम वर्क या टीम लीडर्स की मेहनत को देखते हुए दिया जाता है। अगर पद मिले किसी शख्स के खिलाफ कोई आरोप हैं, जो पुलिस विभाग को बदनाम कर सकता है तो यह चिंता का विषय है। ऐसे ही एक शख्स हैं, जिन्हें यह सम्मान मिला है और उन पर गंभीर आरोप लगे हैं। 

गृह मंत्रालय ने राज्य को दिए थे दिशा-निर्देश
अधिकारी ने कहा कि ऐसे सभी अपमानजनक कृत्यों की पूरी ईमानदारी से जांच किए जाने की आवश्यकता है और दोषी धारकों को दिए जाने वाले पुरस्कार वापस लिए जा सकते हैं। साल 2017 में गृह मंत्रालय ने एक पत्र जारी कर राज्य सरकारों को यह इंगित किया था कि राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक वापस लेने या जब्त करने से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन न करने की किसी भी घटना को गंभीर चूक माना जाता है। इस प्रकार, सभी राज्यों को दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और ऐसे सभी मामलों को उचित कार्रवाई के लिए सलाह दी गई थी।

विनीत गोयल पर यह कहा
उन्होंने कहा, 'मैं अत्यंत दुःख के साथ आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार आरजी कर हत्या मामले में विनीत गोयल के निंदनीय, अपमानजनक और शर्मनाक आचरण के संबंध में आपके उपरोक्त निर्देश के अनुसार उचित कार्रवाई करने में विफल रही है। गोयल को साल 2013 में पीपीएमजी और 2023 में पीएमजी से सम्मानित किया गया था।'

उन्होंने शाह को लिखे पत्र में यह भी कहा कि इस साल 14 अगस्त को सबूतों को नष्ट करने और जानबूझकर की गई उनके द्वारा लापरवाही को मीडिया में जमकर उठाया गया है। पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे वित्तीय और नैतिक रैकेट को छुपाने के इरादे से, राज्य की राजनीतिक कार्यपालिका की सनक को पूरा करने के लिए, आज देश में संभवतः सबसे जघन्य और संवेदनशील अपराध की जांच को भटकाने के उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप कोलकाता उच्च न्यायालय और बाद में सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।




कोलकाता पुलिस की प्रतिष्ठा को धूमिल किया
बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'यह उनकी चूक थी, जिसके कारण सर्वोच्च न्यायालय ने अस्पताल में ड्यूटी के लिए सीआईएसएफ की तैनाती का आदेश दिया। उनके कार्यों ने 168 वर्षों में कोलकाता पुलिस की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है और पश्चिम बंगाल पुलिस को शर्मिंदा किया है। कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने के इरादे से की गई उनकी गतिविधियों ने पश्चिम बंगाल में पहले से ही अनिश्चित कानून और व्यवस्था की स्थिति को और खराब कर दिया है। उन्होंने राज्य और देश को बहुत शर्मसार किया है। पूरे राज्य में गुस्सा है।'

उन्होंने आगे कहा कि विनीत गोयल की इस लापरवाही की वजह से वह इन सम्मानों के लिए अयोग्य हैं। इसलिए इनसे पदक वापस लिए जाने चाहिए। 

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