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'मेरे PA की हत्या इसलिए हुई क्योंकि मैंने ममता को हराया', : शुभेंदु ने पीए की हत्या को बताया 'सोची-समझी साजिश'

Thu, 07 May 2026 05:24 PM IST
Sandhya Kumari न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Thu, 07 May 2026 05:24 PM IST
सार

शुभेंदु अधिकारी ने अपने पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया। मध्यग्राम में बाइक सवार हमलावरों ने रथ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। पुलिस ने संदिग्ध बाइक बरामद कर जांच तेज कर दी है।

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Suvendu accused the TMC of murdering his PA Chandranath Rath killing because he had defeated Mamata
शुभेंदु अधिकारी का टीएमसी पर हमला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शुभेंदु अधिकारी ने अपने पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या का आरोप टीएमसी पर लगाया है। उन्होंने कहा कि मैने पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हरा दिया, इसलिए उन्होंने मेरे सहयोगी चंद्रनाथ रथ को मार दिया। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द गुनहगारों को पकड़ा जएगा। 

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पुलिस ने वह बाइक बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर हमलावरों ने किया था। इस बाइक को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना स्थित मध्यमग्राम पुलिस थाने लाया गया है।

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सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि हमालवरों ने बहुत नजदीक से उन्हें गोली मारी है। जो भी हमलावर से उन्हें अच्छे से पता थी कि कहां गोली मारने से उनका तुरंत मौत दो जाएगी। अधिकारी ने बताया उनके शरीर से चार गोली निकली। यह हत्या पूरी तरह से नियोजन करके की गई है। 

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कैसे की गई हत्या 

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बुधवार रात यह वारदात हुई। चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर चश्मदीदों ने कई गंभीर खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि यह हमला पूरी तरह सोची-समझी साजिश थी। हमलावर 4 से 5 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे। उन्होंने चंद्रनाथ की कार का पीछा किया और दोहारिया इलाके में उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

कैसे  शुभेंदु के साथ आए चंद्रनाथ रथ 

चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक सहयोगियों में से एक बन गए थे। 41 वर्षीय रथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले थे। यह वह राजनीतिक क्षेत्र था, जिसने बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी के उदय को आकार दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शांत स्वभाव और चर्चाओं से दूर रहने वाले रथ, वर्षों से अधिकारी के करीबी समूह का हिस्सा होने के बावजूद बड़े पैमाने पर जमीन पर काम करते रहे।

सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक ढांचे में आने से पहले रथ ने रहरा राम कृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में लगभग दो दशक बिताए थे। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि उन्होंने एक बार आध्यात्मिक जीवन पर विचार किया था और छात्र जीवन के दौरान रामकृष्ण मिशन के सिद्धांतों से वे काफी प्रभावित थे। 

राजनीति में सक्रिय कैसे हुए रथ

वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में थोड़े समय के लिए काम किया। इसके बाद वे धीरे-धीरे राजनीतिक समन्वय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में आगे बढ़े। शुभेंदु अधिकारी के परिवार की तरह ही उनका परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा था। उनकी मां हसी रथ ने टीएमसी के कार्यकाल के दौरान पूर्वी मेदिनीपुर में एक स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था। बाद में वह 2020 में शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं।



पारिवारिक परिचितों का कहना है कि रथ परिवार और शुभेंदु के बीच संबंध दो दशक से अधिक पुराना था, जो पूर्वी मेदिनीपुर में टीएमसी के बढ़ने के शुरुआती वर्षों से चला आ रहा था। रथ 2019 के आसपास आधिकारिक तौर पर शुभेंदु की टीम का हिस्सा बने, जब अधिकारी ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। उन्होंने शुरू में अधिकारी के मंत्रिस्तरीय कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। बाद में अधिकारी के भगवा खेमे में जाने के बाद भी इसी भूमिका को जारी रखा।

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