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निलंबित डीएसपी दविंदर ने पाकिस्तान उच्चायोग को दी थी गोपनीय जानकारी
Mon, 13 Jul 2020 04:17 AM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Mon, 13 Jul 2020 04:17 AM IST
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dsp davinder singh
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह ने पाकिस्तान उच्चायोग को कथित तौर पर कई संवेदनशील जानकारियां मुहैया कराई थी। अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग दविंदर को गोपनीय जानकारी निकलवाने के लिए तैयार कर रहा था।
दविंदर की भूमिका की जांच के दौरान एनआईए ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड का पता लगाया। जिसमें हाल ही में जासूसी के मामले में वापस भेजे गए पाकिस्तानी कर्मचारियों से भी उसकी मिलीभगत का खुलासा हुआ है। एनआईए ने सिंह और पांच अन्य के खिलाफ कथित तौर पर हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मामले में छह जुलाई को एक आरोपपत्र दाखिल किया था। गिरफ्तारी से पहले दविंदर श्रीनगर हवाई अड्डे पर विमान अपहरणरोधी यूनिट में तैनात था।
अधिकारियों ने कहा कि सिंह 2019 के अंत से ही संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था। उन्होंने इस पर ज्यादा जानकारी देने से मना किया। अधिकारियों ने कहा कि सिंह पाकिस्तानी उच्चायोग में सहायक के तौर पर कार्यरत शफकत नामक व्यक्ति से काफी करीबी संपर्क में था। पिछले महीने उच्चायोग के आधे कर्मचारियों को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था, जिनमें शफकत भी शामिल था।
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दविंदर की भूमिका की जांच के दौरान एनआईए ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड का पता लगाया। जिसमें हाल ही में जासूसी के मामले में वापस भेजे गए पाकिस्तानी कर्मचारियों से भी उसकी मिलीभगत का खुलासा हुआ है। एनआईए ने सिंह और पांच अन्य के खिलाफ कथित तौर पर हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन के साथ मिलकर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मामले में छह जुलाई को एक आरोपपत्र दाखिल किया था। गिरफ्तारी से पहले दविंदर श्रीनगर हवाई अड्डे पर विमान अपहरणरोधी यूनिट में तैनात था।
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अधिकारियों ने कहा कि सिंह 2019 के अंत से ही संवेदनशील जानकारी साझा कर रहा था। उन्होंने इस पर ज्यादा जानकारी देने से मना किया। अधिकारियों ने कहा कि सिंह पाकिस्तानी उच्चायोग में सहायक के तौर पर कार्यरत शफकत नामक व्यक्ति से काफी करीबी संपर्क में था। पिछले महीने उच्चायोग के आधे कर्मचारियों को पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था, जिनमें शफकत भी शामिल था।
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