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यूपी में कौन है सीएम पद का प्रबल दावेदार, देख लीजिए BJP और RSS की लिस्ट
एम संजय/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 28 May 2016 12:12 PM IST
सार
- संघ की चर्चाओं में आदित्य नाथ का नाम आगे
- सर्वे में वरूण, राजनाथ और स्मृति पड़ रहीं भारी
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह
- फोटो : Getty
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विस्तार
राम नाम के सहारे देश के राजनीतिक पटल पर छाने वाली भाजपा को यूपी में दोबारा से सत्ता पाने के लिए भी एक राम की तलाश है। जोकि 2017 के विधानसभा चुनाव में उसकी नैया पार लगा सके। लेकिन राम का रोल निभाने वाले चेहरे की तलाश भाजपा आलाकमान की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
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चेहरा चयन के लिए कराए गए पार्टी के अपने ही सर्वे ने चेहरा चयन की गुत्थी को और उलझा दी है। शायद यही वजह है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कहना पड़ा है कि राम का फैसला जनता तय करेगी। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के जरिए कार्यकर्ताओं और जनता के बीच कराए गए सीधे सर्वे में वरूण गांधी, राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी का चेहरा प्रमुखता से उभरकर सामने आया है।
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तो संघ की चर्चाओं में गोरखपुर के सांसद आदित्य नाथ का नाम सबसे आगे है। तो सहारनपुर रैली में पीएम मोदी के जरिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्य को नौजवान कहे जाने के भी मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल असम की सफलता के बाद भाजपा आलाकमान ने वैसा ही दांव यूपी में चलने का मन बनाया है। इसलिए सूबे के चुनाव के लिए चेहरा चयन को लेकर पार्टी में मंथन का दौर जारी है।
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इस प्रयास में प्रदेश के संघ अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चाओं के पार्टी ने सर्वे का रास्ता भी अपनाया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के संघ अधिकारियों के बीच बीते दिनों यूपी के चेहरे को लेकर हुई अनौपचारिक चर्चा में आदित्य नाथ के अलावा केशव मौर्य, स्मृति ईरानी, दिनेश शर्मा और महेश शर्मा के नाम पर मंथन हुआ। लेकिन वहां भी किसी एक चेहरे पर सहमति नहीं बन पाई है।
वरुण गांधी व स्मृति ईरानी
- फोटो : amar ujala
संघ का एक बड़ा वर्ग आदित्य नाथ के जरिए हिंदूत्व के एजेंडे को आगे रख चुनाव में जाने के पक्ष में है। बहरहाल संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने संघ-भाजपा के रणनीतिकारों को चेहरा तय करने के लिए सितंबर का वक्त सुझाया है। अभी उनका जोर प्रदेश में पार्टी का माहौल खड़ा करने पर है। यूपी में चेहरा चुनने को लेकर गुत्थी इसलिए उलझी है कि भाजपा का सर्वे संघ की राय के उल्ट है।
पार्टी के जरिए कराए सर्वे में वरूण, राजनाथ और स्मृति का नाम ऊपर है। लेकिन भाजपा नेतृत्व के साथ रिश्ते ठीक न होना वरूण की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। तो राजनाथ सिंह पार्टी एवं सरकार के कदावर नेता है। उनपर दांव खेलना भी किसी जोखिम से कम नहीं लग रहा है। स्मृति ईरानी की शैली के कार्यकर्ता तो कायल हैं। मगर उनपर बाहरी होने का ठप्पा चिपकने का भय सता रहा है।
चुनाव के दौरान विपक्षी दल उनके बाहरी के मुद्दे को हवा दे सकते हैं। सर्वे में चौथा नाम महेश शर्मा का है। लेकिन शर्मा अभी केंद्र सरकार में शासन का अनुभव हासिल करना चाहते हैं। अन्य नामों में रेल राज्य मंत्री मनोज सिंहा का नाम भी चर्चा में है। वैसे मोदी और शाह की जोड़ी प्रदेश में कुछ नया ही करने के मूड़ में है। पुराने चेहरों के बजाय पार्टी नौजवान चेहरों पर दांव खेलेगी। सहारनपुर की रैली में पीएम मोदी ने इस बात के संकेत भी दे दिए हैं।
पार्टी के जरिए कराए सर्वे में वरूण, राजनाथ और स्मृति का नाम ऊपर है। लेकिन भाजपा नेतृत्व के साथ रिश्ते ठीक न होना वरूण की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। तो राजनाथ सिंह पार्टी एवं सरकार के कदावर नेता है। उनपर दांव खेलना भी किसी जोखिम से कम नहीं लग रहा है। स्मृति ईरानी की शैली के कार्यकर्ता तो कायल हैं। मगर उनपर बाहरी होने का ठप्पा चिपकने का भय सता रहा है।
चुनाव के दौरान विपक्षी दल उनके बाहरी के मुद्दे को हवा दे सकते हैं। सर्वे में चौथा नाम महेश शर्मा का है। लेकिन शर्मा अभी केंद्र सरकार में शासन का अनुभव हासिल करना चाहते हैं। अन्य नामों में रेल राज्य मंत्री मनोज सिंहा का नाम भी चर्चा में है। वैसे मोदी और शाह की जोड़ी प्रदेश में कुछ नया ही करने के मूड़ में है। पुराने चेहरों के बजाय पार्टी नौजवान चेहरों पर दांव खेलेगी। सहारनपुर की रैली में पीएम मोदी ने इस बात के संकेत भी दे दिए हैं।