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महाराष्ट्र में मनाया जाएगा सर्जिकल स्ट्राइक डे, शिक्षामंत्री तावड़े बोले- घबरा रहीं हैं ममता
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Updated Sat, 22 Sep 2018 04:57 AM IST
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सर्जिकल स्ट्राइक
- फोटो : SELF
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महाराष्ट्र में आगामी 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक की सालगिरह मनाई जाएगी। सूबे के शिक्षामंत्री विनोद तावड़े ने शुक्रवार को कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों और उच्चतर शिक्षण संस्थानों में 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक डे’ मनाया जाएगा।
तावडे़ ने कहा कि हमारे जवानों की शौर्यगाथा छात्रों को बताई जानी चाहिए। इससे छात्रों को पता चलेगा कि किस मुश्किल परिस्थिति में हमारे सेना के जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर उन्हें धूल चटाई थी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और उच्चतर शिक्षण संस्थानों में सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने का निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का है। यह सभी राज्यों को मनाना चाहिए। इसके जरिए सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में पूर्व सैनिकों से संवाद सत्र, विशेष परेड, प्रदर्शनियों का आयोजन और सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए उन्हें ग्रीटिंग कार्ड भेजने सहित कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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इस दौरान तावड़े ने पश्चिम बंगाल में सर्जिकल स्ट्राइक डे नहीं मानने की घोषणा करने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता और जेएनयू इसका क्यों विरोध कर रहे हैं यह उनकी समझ से परे है। शायद वह घबरा रही हैं।
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तावडे़ ने कहा कि हमारे जवानों की शौर्यगाथा छात्रों को बताई जानी चाहिए। इससे छात्रों को पता चलेगा कि किस मुश्किल परिस्थिति में हमारे सेना के जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर उन्हें धूल चटाई थी।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और उच्चतर शिक्षण संस्थानों में सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने का निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का है। यह सभी राज्यों को मनाना चाहिए। इसके जरिए सशस्त्र बलों के बलिदान के बारे में पूर्व सैनिकों से संवाद सत्र, विशेष परेड, प्रदर्शनियों का आयोजन और सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए उन्हें ग्रीटिंग कार्ड भेजने सहित कई कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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इस दौरान तावड़े ने पश्चिम बंगाल में सर्जिकल स्ट्राइक डे नहीं मानने की घोषणा करने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता और जेएनयू इसका क्यों विरोध कर रहे हैं यह उनकी समझ से परे है। शायद वह घबरा रही हैं।