8 कमांडो टीमों ने ऐसे की थी 250 किमी के दायरे में एक साथ स्ट्राइक
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अब तक के सबसे बड़े दायरे में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के लिए भारतीय सेना ने खास तैयारियां की थीं। सेना सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के उड़ी में सैन्य शिविर पर आतंकी हमले के बाद 10 दिन तक की गई तैयारियों के दौरान बनाई गई योजना में एकसाथ स्ट्राइक करने के साथ ही अपने सैनिकों को बिना कोई नुकसान पहुंचे वापस लौट आने का खाका खींचा गया था। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस पार सांबा से केरन के बीच करीब 250 किलोमीटर में फैले आतंकियों के ठिकानों की सटीक जानकारी ड्रोन के जरिए ली गई।
इसके बाद पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों के आठ ठिकानों को निशाना बनाने का लक्ष्य तय किया गया। इन 8 ठिकानों पर एक साथ सधे अंदाज में स्ट्राइक की गई थी। इसके लिए पैरा कमांडो की 4 और 9 यूनिट से आठ टीमें बनाई गईं थीं। सेना का दावा है कि इस कार्रवाई में ठिकानों को ध्वस्त करने के दौरान करीब 80 आतंकी और उनका साथ देने वाले पाक सेना के जवानों को भी मार गिराया गया।
स्ट्राइक टीमें पीओके में एलओसी से दो से साढे़ तीन किलोमीटर भीतर तक घुस गई थी। इनमें से दो टीमों को पीओके में बहने वाली नदी भी पार करनी पड़ी थी। सूत्रों ने बताया कि पूरी कार्रवाई इतनी सफाई से हुई कि पाकिस्तानी सेना हक्की-बक्की रह गई थी।
भारत का मात्र एक कमांडो हुआ था घायल
सर्जिकल स्ट्राइक में गई भारतीय सेना की टीमों का मात्र एक ही कमांडो घायल हुआ, जो कार्रवाई से लौटते समय अपनी ही बिछाई लैंड माइंस पर पांव पड़ जाने से विस्फोट की चपेट में आ गया। लेकिन अब वह कमांडो भी लंबे इलाज के बाद दोबारा ड्यूटी पर तैनात हो चुका है।