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दागी कलमाड़ी और चौटाला बने आईओए के आजीवन अध्यक्ष, खेल मंत्रालय नाराज
ब्यूरो/ अमर उजाला, चेन्नई/नई दिल्ली
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:49 AM IST
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राष्ट्रमंडल खेल भ्रष्टाचार प्रकरण में दागी सुरेश कलमाड़ी को मंगलवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अपनी वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से आजीवन अध्यक्ष चुन लिया है। इसके अलावा अभय सिंह चौटाला को भी आईओए का आजीवन अध्यक्ष बना दिया गया है।
बैठक में इस आशय का प्रस्ताव संयुक्त सचिव और रियो ओलंपिक में भारतीय दल के प्रमुख रहे राकेश गुप्ता ने रखा और खास बात यह रही कि मौजूद सभी 120 सदस्यों ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।
एक भी सदस्य ने प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। उधर केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने मामले को लेकर हैरानी जताते हुए कहा है कि कलमाड़ी और चौटाला पर गंभीर आरोप हैं। खेल मंत्री ने आईओए से रिपोर्ट तलब की है और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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वर्ष 1996 से 2011 तक आईओए के अध्यक्ष रहे कलमाड़ी को दिल्ली में हुए 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार घोटाले को लेकर दस महीने की जेल हुई थी बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
कांग्रेस के पूर्व सांसद कलमाड़ी की गिनती एक समय पावरफुल खेल प्रशासक के रूप में होती थी। वह 2000 से लेकर 2013 तक एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष रहे। पिछले वर्ष उन्हें एशियाई एथलेटिक्स इकाई का आजीवन अध्यक्ष बनाया गया था। 72 वर्ष के कलमाडी 2001 से 2013 तक अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संघ (आईएएएफ) की परिषद के भी सदस्य रहे हैं।
जबकि अभय सिंह चौटाला दिसंबर 2012 से फरवरी 2014 तक आईओए अध्यक्ष रहे। फरवरी 2014 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने आईओए को निलंबित कर दिया। बाद में आईओए के अपने संविधान में संशोधन के बाद आईओए का निलंबन खत्म कर दिया था। चौटाला भारतीय मुक्केबाजी संघ (आईएबीएफ) के भी अध्यक्ष रहे जिसकी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ ने 2013 में मान्यता खत्म कर दी थी।
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बैठक में इस आशय का प्रस्ताव संयुक्त सचिव और रियो ओलंपिक में भारतीय दल के प्रमुख रहे राकेश गुप्ता ने रखा और खास बात यह रही कि मौजूद सभी 120 सदस्यों ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।
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एक भी सदस्य ने प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। उधर केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने मामले को लेकर हैरानी जताते हुए कहा है कि कलमाड़ी और चौटाला पर गंभीर आरोप हैं। खेल मंत्री ने आईओए से रिपोर्ट तलब की है और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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वर्ष 1996 से 2011 तक आईओए के अध्यक्ष रहे कलमाड़ी को दिल्ली में हुए 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार घोटाले को लेकर दस महीने की जेल हुई थी बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
कांग्रेस के पूर्व सांसद कलमाड़ी की गिनती एक समय पावरफुल खेल प्रशासक के रूप में होती थी। वह 2000 से लेकर 2013 तक एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष रहे। पिछले वर्ष उन्हें एशियाई एथलेटिक्स इकाई का आजीवन अध्यक्ष बनाया गया था। 72 वर्ष के कलमाडी 2001 से 2013 तक अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स संघ (आईएएएफ) की परिषद के भी सदस्य रहे हैं।
जबकि अभय सिंह चौटाला दिसंबर 2012 से फरवरी 2014 तक आईओए अध्यक्ष रहे। फरवरी 2014 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने आईओए को निलंबित कर दिया। बाद में आईओए के अपने संविधान में संशोधन के बाद आईओए का निलंबन खत्म कर दिया था। चौटाला भारतीय मुक्केबाजी संघ (आईएबीएफ) के भी अध्यक्ष रहे जिसकी अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ ने 2013 में मान्यता खत्म कर दी थी।
कलमाडी और चौटाला पर गंभीर आरोप : गोयल
कलमाड़ी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने पर खेल मंत्री विजय गोयल ने हैरानी जताते हुए कहा कि देश की खेलों की व्यवस्था में दागी लोगों को खेल मंत्रालय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।
कलमाड़ी और चौटाला पर गंभीर तरीके के आरोप हैं और उन पर आपराधिक मामले चल रहे हैं उन्होंने कहा कि खुद आईओसी ने चौटाला और ललित भनोट को उन पर आपराधिक मामले चलने के लिए दोनों को कुछ वर्ष पूर्व अध्यक्ष और महासचिव के पदों से हटाने को कहा था दोनों को पदों से हटाने के बाद ही आईओए पर लगे प्रतिबंध को हटाया गया था।
खेल मंत्री गोयल ने कहा कि वह आईओए अध्यक्ष एन रामाचंदन से बात करेेंगे। इस मामले की रिपोर्ट भी मांगी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आईओए के इस कदम के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
कलमाड़ी और चौटाला पर गंभीर तरीके के आरोप हैं और उन पर आपराधिक मामले चल रहे हैं उन्होंने कहा कि खुद आईओसी ने चौटाला और ललित भनोट को उन पर आपराधिक मामले चलने के लिए दोनों को कुछ वर्ष पूर्व अध्यक्ष और महासचिव के पदों से हटाने को कहा था दोनों को पदों से हटाने के बाद ही आईओए पर लगे प्रतिबंध को हटाया गया था।
खेल मंत्री गोयल ने कहा कि वह आईओए अध्यक्ष एन रामाचंदन से बात करेेंगे। इस मामले की रिपोर्ट भी मांगी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आईओए के इस कदम के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।