फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Suresh Gopi Cabinet Minister reward for making lotus bloom in Kerala

Suresh Gopi: केरल में कमल खिलाने का मिला इनाम, 2016 में राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए किया था नामित

Mon, 10 Jun 2024 06:00 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 10 Jun 2024 06:00 AM IST
सार

अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। 2016 मे उन्हें राष्ट्रपति ने राज्यसभा सदस्य नामित किया था, जिसके कुछ समय बाद ही वे भाजपा में शामिल हो गए।

विज्ञापन
Suresh Gopi Cabinet Minister reward for making lotus bloom in Kerala
सुरेश गोपी - फोटो : Doordarshan National

विस्तार

केरल में पहली बार कमल खिलाने वाले सुरेश गोपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा इनाम देते हुए मंत्रिमंडल में जगह देने का फैसला किया है। चुनाव प्रचार के दौरान गोपी ने मतदाताओं से वादा किया था कि अगर वे चुनाव जीतते हैं और भाजपा सत्ता में आती है, तो उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। केरल के लोगों को उनका वादा झूठा न लगे इसी वजह से उन्हें पहली बार का सांसद होने के बावजूद पीएम मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी है।

विज्ञापन

अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी 250 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। 2016 मे उन्हें राष्ट्रपति ने राज्यसभा सदस्य नामित किया था, जिसके कुछ समय बाद ही वे भाजपा में शामिल हो गए। इन आठ वर्ष में उन्होंने राज्य में भाजपा का जनाधार बढ़ाने में खासी मदद की है और पहली बार कांग्रेस और सीपीएम के बीच बंटे राज्य में कमल खिलाया है। त्रिशूर में उन्होंने अपने चुनावी अभियानों में खुलकर इस बात का प्रचार किया था कि अगर वे और भाजपा जीतते हैं, तो उनका मंत्री बनना तय है। त्रिशूर में जगह-जगह दीवारों पर अब भी यह लिखा दिख जाएगा कि त्रिशूर के लिए एक कैबिनेट मंत्री, मोदी की गारंटी। ब्यूरो

विज्ञापन

गोपी ने चुनाव जीतने के बाद यह कहना शुरू कर दिया था कि वे मंत्री नहीं बनना चाहते, बल्कि केरल और तमिलनाडु के लोगों के लिए एक ऐसे प्रतिनिधि के तौर पर काम करना चाहते हैं, जिसकी सभी मंत्रालयों में सुनवाई हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी के नेता से पहले राज्य की जनता के प्रतिनिधि हैं। गोपी का यह पहला चुनाव नहीं है, 2019 में भी वे त्रिशूर से चुनाव लड़े थे, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे थे। तब कांग्रेस के टीपी प्रथपन ने चुनाव जीता था। हालांकि, 2014 में केरल में भाजपा का वोट शेयर 11.15 फीसदी था, जो 2019 में बढ़कर 28.2 फीसदी हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

लगातार तीन बार हारे, फिर भी धर्मार्थ सेवा में जुटे रहे
गोपी तीन बार लगातार हार के बाद भी अपने क्षेत्र में टिके रहे और राज्यसभा सदस्य के तौर पर सांसद कोटे से धर्मार्थ गतिविधियों में जुटे रहे। इसके अलावा सांसद कोटे से कई विकास परियोजनाओं को अंजाम दिया। 2023 में सीपीएम के खिलाफ उन्होंने को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने त्रिशूर पू्र्णम महोत्सव पर प्रतिबंध को भी मुद्दा बनाया, जिसे लेकर लोगों में खासा रोष था। इसके अलावा गोपी ने राज्य के ईसाई वोटों को भी भाजपा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed