Surat: ज्वेलरी-डायमंड में ग्रेजुएशन की डिग्री ले सकेंगे छात्र, हीरा नगरी में क्यों शुरू हो रहा ये खास कोर्स?
अभी तक डायमंड सिटी सूरत में ज्वेलरी डिजाइन और डायमंड के कोर्स कई संस्थानों में करवाया जाता है। लेकिन इस संस्थानों द्वारा सिर्फ सर्टिफिकेट ही दिया जाता है। अब जो छात्र इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है। उन्हें आईडीआई द्वारा शुरू किए गए इस कोर्स का फायदा होगा। साथ ही ये कोर्स छात्रों को इस क्षेत्र में नौकरी दिलाने में भी मददगार साबित होगा।
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गुजरात की हीरा नगरी सूरत आज देश ही नहीं, दुनिया भर में विख्यात है। सूरत में हजार से ज्यादा डायमंड कट और पॉलिश कंपनियां हैं। 500 से ज्यादा ज्वेलरी निर्माण इकाइयां हैं। लेकिन सूरत में कई बार उन्हें अच्छे और स्किल्ड कर्मचारी नहीं मिलते हैं। इसलिए इंडियन डायमंड इंस्टीट्यूट ने बीएसई इन ज्वेलरी डिजाइनिंग एंड मैन्युफैक्चरिंग डिग्री कोर्स शुरू किया है। सूरत में डायमंड और ज्वेलरी का यह पहला ग्रेजुएशन कोर्स है। इस डिग्री कोर्स के लिए आईडीआई ने गुजरात सरकार के कौशल्य द स्किल विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता किया है।
दरअसल, अभी तक डायमंड सिटी सूरत में ज्वेलरी डिजाइन और डायमंड के कोर्स कई संस्थानों में करवाया जाता है। लेकिन इस संस्थानों द्वारा सिर्फ सर्टिफिकेट ही दिया जाता है। अब जो छात्र इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते है। उन्हें आईडीआई द्वारा शुरू किए गए इस कोर्स का फायदा होगा। साथ ही ये कोर्स छात्रों को इस क्षेत्र में नौकरी दिलाने में भी मददगार साबित होगा।
आईडीआई के चेयरमैन दिनेश नावडिया का कहना है कि देशभर में डायमंड और ज्वेलरी उद्योग में स्किल कर्मचारी बहुत कम मिलते हैं। इसलिए संस्थान ने इस तरह के कोर्स करवाने का फैसला लिया है। आईडीआई ने राज्य सरकार की कौशल्य द स्किल यूनिवर्सिटी से समझौता किया है। छात्र डायमंड और ज्वेलरी क्षेत्र में ग्रेजुएशन कर सकता है। इस कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस कोर्स करने के बाद डायमंड ज्वेलरी क्षेत्र में बीएससी करने के बाद छात्र डायमंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में मैनेजर, सुपरवाइजर, क्वॉलिटी कंट्रोलर, मैनुअल ज्वेलरी डिजाइनर, कैड डिजाइनर, फ्रीलांस ज्वेलरी डिजाइनर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, लैब के लिए जेमोलॉजिस्ट सहित कई तरह की नौकरियां मिल सकती हैं। डायमंड ग्रेडर और डायमंड आयातक, निर्यातक भी बन सकते हैं।
सूरत है हीरा तराशने की वैश्विक राजधानी
सूरत को हीरा तराशने और पॉलिश करने की राजधानी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। यूं तो भारत का हीरा उद्योग मुंबई, सौराष्ट्र, अहमदाबाद और राजस्थान में फैला हुआ है। लेकिन अधिकतर यूनिट सूरत में ही हैं। यह 8,00,000 पॉलिशरों को रोजगार देता है। इस शहर में दुनिया भर से अनकट, अनपॉलिश्ड डायमंड मंगाया जाता है। कारोबारी भाषा में इसे खरड़ या रग्स कहते हैं। सूरत की खूबी, लो क्वॉलिटी वाले छोटे खरड़ की कटिंग और पॉलिशिंग की है। सूरत में 8,000 से अधिक पॉलिशिंग इकाइयां हैं।