फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Surat incident: survivors recounts story and said we jumped off as do not have any other option

सूरत हादसा: पीड़िता ने बताई दास्तां, कहा- कूदने के अलावा नहीं था कोई चारा

Sat, 25 May 2019 10:03 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 25 May 2019 10:03 AM IST
विज्ञापन
Surat incident: survivors recounts story and said we jumped off as do not have any other option
सूरत की इमारत में आग लगने से 20 लोगों की मौत हो गई है। - फोटो : ANI

गुजरात के सूरत की चार मंजिला इमारत में आग लगने का मंजर दिल दहला देने वाला था। सरथना इलाके की तक्षशिला कांप्लेक्स में शुक्रवार शाम के चार बजे जब आग लगी, उस समय वहां लगभग 60 छात्र तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कोचिंग क्लास में पढ़ाई कर रहे थे। 

विज्ञापन


15 साल की उर्मिला पटेल दर्जनों बच्चों के साथ आग से बचने के लिए नीचे कूद गई। सभी फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। घटना में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। आग लगने के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं है। लेकिन अधिकारियों का मानना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी है।  
विज्ञापन


पिछले चार महीने के दौरान यह सूरत के कोचिंग सेंटर में आग की दूसरी घटना है। पीड़िता उर्मिला ने कहा, 'हम चौथी और सबसे ऊपरी मंजिल पर थे। अचानक से वहां आसपास धुआं हो गया। हमें सांस लेने में बहुत परेशानी होने लगी। हम मदद के लिए चिल्लाने लगे। मैंने अपनी मां को फोन किया और वहां मौजूद एकमात्र सीढ़ियों की तरफ भागी। लेकिन सीढ़ियों पर भी आग लग गई थी।'  
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आगे बताया, 'दूसरों की तरह मैं और मेरे दोस्त कमरे में वापस आ गए। हमारे पास कूदने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था। मैंने दूसरे लोगों को कूदते हुए देखा और उनका अनुसरण किया।' उर्मिला का पीपी सवानी अस्पताल में जांघ, कमर और सिर में लगी चोट का इलाज चल रहा है। 

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दमकल की गाड़ियां 45 मिनट देरी से पहुंची। बचाई गई एक लड़की के पिता परेश पटेल ने कहा, 'जब आग लगी मेरी बेटी इमारत के अंदर थी। घटनास्थल से फायर स्टेशन दो किलोमीटर से ज्यादा दूर नहीं है। उन्हें आने में 45 मिनट का समय लगा। मेरी बेटी को बेशक बचा लिया गया है लेकिन वह सदमे में है। 5-6 माता-पिता अपने लापता बच्चों को ढूंढ रहे हैं।'

प्रतीक कंसारा नाम के प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'लगभग 22-25 बच्चों को सीढ़ियों के जरिए बचाया गया है जबकि 20 नीचे कूद गए। हमें पता चला है कि इमारत के अंदर 60-70 बच्चे मौजूद थे। हमें आशंका है कि 8-10 बच्चे अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं।' 

कई लोगों की जान बचाने वाले केतन ने कहा, 'वहां सब जगह धुआं था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। मैंने साढ़िया लीं और पहले छात्रों को वहां से जाने में मदद की। जिससे 8-10 लोगों की जान बच गई। बाद मे मैंने दो और बच्चों को बचाया। दमकल की गाड़ियां लगभग 40-45 मिनट बाद आईं।'




राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी लगभग रात के नौ बजे हालात का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा, 'अनियमितताओं के मद्देनजर राज्य भर में मौजूद सभी प्रकार के भवन की जांच के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही मृतक छात्रों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed