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अनुच्छेद 35 ए को चुनौती देने वाली याचिका सूचीबद्ध करने पर चैम्बर में होगा फैसला
Tue, 22 Jan 2019 12:48 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 22 Jan 2019 12:48 PM IST
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supreme court
- फोटो : PTI
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि संविधान के अनुच्छेद 35 ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को सूचीबद्ध करने के बारे में चैम्बर में फैसला किया जाएगा।
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अनुच्छेद 35 ए जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष सुविधाएं और अधिकार देता है।
वकील बिमल रॉय जाड ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया।
उन्होंने गैर सरकारी संगठन ‘वी द सिटिजन’ की इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया और कहा कि पहले न्यायालय ने इसे जनवरी के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया था।
शीर्ष अदालत ने पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 35 ए को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई इस साल जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी।
राष्ट्रपति के आदेश पर 1954 में संविधान में अनुच्छेद 35-ए शामिल किया गया था। यह अनुच्छेद जम्मू कश्मीर के स्थायी निवासियों को विशेष अधिकार और सुविधाएं प्रदान करता है और यह राज्य के बाहर के लोगों को इस राज्य में किसी भी प्रकार की अचल संपत्ति प्राप्त करने पर रोक लगाता है।
महिलाओं के खिलाफ है कानून
अपनी याचिका में चारु ने कहा है कि अनुच्छेद 35-ए महिलाओं के लिए भेदभावपूर्ण है। इसके प्रावधानों के अनुसार अगर कोई कश्मीरी महिला किसी ऐसे व्यक्ति से शादी करती है जो कश्मीरी नहीं है, तो वो (महिला) और उसके वंशज राज्य में संपत्ति के अधिकार खो देते हैं।