{"_id":"606f88d98ebc3e8d177233bc","slug":"supreme-court-will-consider-the-ordinance-of-the-government-on-stag","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराली जलाने पर सरकार के अध्यादेश पर अगले हफ्ते विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पराली जलाने पर सरकार के अध्यादेश पर अगले हफ्ते विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
Fri, 09 Apr 2021 04:21 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 09 Apr 2021 04:21 AM IST
सार
- पीठ वर्ष 2020 में दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें पंजाब व हरियाणा सरकार को पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध सुनिश्चित करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी
विज्ञापन
supreme court
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पराली जलाने की समस्या से संबंधित केंद्र सरकार के अध्यादेश पर अगले हफ्ते विचार करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुछ बदलाव के साथ अध्यादेश को बुधवार को कैबिनेट ने अप्रूव कर दिया है और अगले हफ्ते इस अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रख दिया जाएगा।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ वर्ष 2020 में दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें पंजाब व हरियाणा सरकार को पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध सुनिश्चित करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी। छोटे और मझोले किसानों को पराली को नष्ट करने वाली मशीन मुहैया कराने की मांग की गई थी।
विज्ञापन
पीठ ने सॉलिसिटर जनरल मेहता की आग्रह पर इस मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई करने का निर्णय लिया है। वही याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अध्यादेश इस उद्देश्य से लाया जा रहा है कि अदालत द्वारा पराली जलाने पर निगरानी रखने के लिए नियुक्त किए गए जज को रोका जा सके। विकास सिंह ने कहा कि सितंबर का महीना आएगा फिर से यह समस्या शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
मालूम हो कि सॉलिसिटर जनरल ने गत वर्ष अक्टूबर महीने में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी थी कि केंद्र सरकार पराली जलाने की समस्या के मद्देनजर एक स्थाई निकाय बनाने को लेकर विधान लाने जा रही है। यह कहते हुए सरकार ने पराली जलाने पर निगरानी रखने के लिए जस्टिस मदन बी लोकुर वाली एक सदस्य कमेटी के गठन के आदेश को स्थगित करने की गुहार की थी।