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SC: सेना के खिलाफ टिप्पणी का मामला, राहुल गांधी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगी रोक बढ़ी

Thu, 04 Dec 2025 02:06 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 04 Dec 2025 02:06 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने सेना के खिलाफ टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत देते हुए स्टे की अवधि बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी अन्य खबरों के लिए अमर उजाला के साथ जुड़े रहें...

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Supreme court updates Remarks against Army stay extends on trial court proceedings on Rahul Gandhi
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सेना के खिलाफ टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत देते हुए उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक अगले साल 22 अप्रैल तक बढ़ा दी है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने राहुल गांधी की अपील पर यह आदेश जारी किया। राहुल गांधी ने 29 मई को दिए गए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी की ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। 
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बीती 4 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर अगली तारीख तक रोक लगा दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से भी जवाब मांगा है। उदय शंकर श्रीवास्तव नामक शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी पर भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए शिकातय दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि राहुल गांधी ने दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय जमीन पर चीन द्वारा कब्जा करने का दावा किया था। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। 
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छात्र-प्रोफेशनल्स के लिए हॉस्टल किराये पर GST नहीं: सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए हॉस्टल के रूप में किराये पर दी गई आवासीय संपत्ति पर GST नहीं लगेगा। अदालत ने कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा। पीठ ने कहा कि मकान का ‘अंतिम उपयोग’ आवासीय ही रहता है, इसलिए 18 प्रतिशत GST लगाने का कोई आधार नहीं। मामला बंगलूरू की एक 42 कमरों वाली संपत्ति से जुड़ा था, जिसे कंपनी ने छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए लंबे समय के हॉस्टल के रूप में किराए पर लिया था। AAR और AAAR ने इसे हॉस्टल बताते हुए GST छूट से इनकार किया था, जिसे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
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