फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court UGC Rules Hearing Angry CJI Surya Kant Strict Comments going too far consequences hindi news

Supreme Court: 'अब ये ज्यादा हो रहा है', यूजीसी से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान नाराज हुए सीजेआई सूर्यकांत

Wed, 25 Feb 2026 01:05 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 25 Feb 2026 01:05 PM IST
सार

सीजेआई यूजीसी नियमों से जुड़ी एक याचिका पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अब ये याचिका क्यों दायर की गई है। सीजेआई ने कहा कि इस याचिका का मकसद सिर्फ मीडिया की सुर्खियां बटोरना है। जानिए क्या है मामला

विज्ञापन
Supreme Court UGC Rules Hearing Angry CJI Surya Kant Strict Comments going too far consequences hindi news
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत (फाइल) - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी

विस्तार

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत नाराज हो गए। दरअसल याचिका दायर करने वाले वकील ने कहा कि यूजीसी नियम न्यायाधिकार क्षेत्र के तहत नहीं आते। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीजेआई ने कहा, ये याचिका क्यों दायर की गई है? ये अब ज्यादा हो रहा है। ये सब मीडिया की सुर्खियां पाने के लिए किया जा रहा है। वरना आप यूट्यूब पर कैसे आएंगे। अन्य याचिकाओं की तुलना में इसमें क्या अलग है?
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट पहले ही यूजीपी नियमों को लागू करने पर लगा चुका है अंतरिम रोक
  • बुधवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई ने ये टिप्पणी की। गौरतलब है कि यूजीसी नियमों के खिलाफ पहले भी कई याचिकाएं दायर की गई हैं। जनवरी में ही सुप्रीम कोर्ट यूजीसी के नियमों पर अंतरिम रोक लगा चुका है। यूजीसी नियमों पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 'ये नियम प्रथम दृष्टया अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका है'।
  • विज्ञापन
  • सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि विशेषज्ञों की एक समिति इन नियमों की खामियों को दूर करने पर विचार कर सकती है। 
  • जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने ही यूजीसी नियमों को लागू करने पर अंतरिम रोक लगाई थी और ये भी माना था कि ये नियम समाज में विभाजन की स्थिति पैदा कर सकते हैं। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • गौरतलब है कि यूजीसी नियमों के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं में तर्क दिया गया कि यूजीसी ने जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा को सीमित और गैर समावेशी रखा है। आलोचकों का कहना है कि यूजीसी नियमों में भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग तक ही सीमित कर दिया गया है। 
ये भी पढ़ें- Supreme Court: ‘बदनाम करने की इजाजत नहीं दे सकते’, NCERT की किताब में न्यायपालिका पर सामग्री से सीजेआई नाराज

बढ़ती जनहित याचिकाओं पर सीजेआई ने जताई नाराजगी
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ही सीजेाई सूर्यकांत ने जनहित याचिकाओं यानी पीआईएल की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के वक्त उन्होंने कहा कि आजकल कई लोगों का मकसद सिर्फ याचिका दाखिल करना रह गया है। ऐसा लगता है कि वे सुबह अखबार पढ़ते हैं और शाम तक कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर देते हैं। सीजेआई ने कहा कि कुछ लोगों का यह एजेंडा बन गया है। हम देख रहे हैं कि पीआईएल की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed