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Supreme Court: बरी होने के बाद फैसला सार्वजनिक मंच से हटाने संबंधी याचिका पर SC करेगा सुनवाई, जानें पूरा मामला
Wed, 24 Jul 2024 01:53 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 24 Jul 2024 01:53 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट मद्रास हाईकोर्ट के खिलाफ ‘इंडिया कानून’ पोर्टल द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रहा है।
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Supreme Court
- फोटो : PTI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट आपराधिक मामलों में एक व्यक्ति के बरी होने के बाद मामले से जुड़ी सभी जानकारी सार्वजनिक मंचों से हटाने के उसके अधिकार से संबंधित याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार को सहमत हो गया।
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फैसला हटाना हो सकता है खतरनाक
यह मुद्दा आरोपी के उस अधिकार से संबंधित है, जिसमें सार्वजनिक मंचों से उसके नाम वाले फैसलों को हटाने का अनुरोध किया गया है। न्यायालय ने कहा कि फैसला हटाने के खतरनाक असर हो सकते हैं।
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मद्रास हाईकोर्ट पर लगाई रोक
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले पर भी रोक लगा दी, जिसमें उसने एक विधि पोर्टल को अपनी वेबसाइट से उस फैसले को हटाने के लिए कहा था कि दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी बरी हो गया है।
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सीजेआई ने कहा, ‘फैसले सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा होते हैं और अदालतों की ओर से उन्हें हटाने के आदेश का गंभीर असर पड़ेगा।' पीठ ने कहा कि यह मानते हुए कि कोई व्यक्ति बरी हो गया है, हाईकोर्ट उसे (विधि पोर्टल को) फैसला वापस लेने का निर्देश कैसे दे सकता है? एक बार फैसला सुनाए जाने के बाद, यह सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाता है।
सुप्रीम कोर्ट मद्रास हाईकोर्ट के खिलाफ ‘इंडिया कानून’ पोर्टल द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई कर रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने इस पोर्टल को अपनी वेबसाइट से फैसला हटाने के लिए कहा था। अदालत ने कार्तिक थ्योडोर नामक व्यक्ति की याचिका पर यह फैसला दिया था।