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धारा 370 के खिलाफ जनहित याचिका की तत्काल सुनवाई पर विचार करेगा सुप्रीम कोर्ट
Mon, 18 Feb 2019 06:53 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Mon, 18 Feb 2019 06:53 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट मे सोमवार को कहा कि वह जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली संविधान की धारा 370 की वैधानिकता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए विचार करेगी। बता दें कि धारा 370 जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देती है और संसद को राज्य के लिए कानून बनाने की शक्ति को कम करती है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने वकील व भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर ध्यान दिया। बेंच ने इस याचिका को
'अत्यधिक राष्ट्रीय महत्व' वाली बताया और इसे तत्काल सुनवाई के लिए चिह्नित करने की जरूरत बताई। बेंच में शामिल जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, 'उल्लेखित ज्ञापन रजिस्ट्रार को दें, हम इसे देखेंगे।'
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उपाध्याय ने यह याचिका पिछले साल सितंबर में दायर की थी। इसमें उनहोंने तर्क दिया है कि कि जम्मू कश्मीर को दिया गया विशेष प्रावधान अस्थाई था, जो 26 जनवरी 1947 को जम्मू कश्मीर संविधान सभा के विघटन के साथ समाप्त हो गया था।
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दलील में सुप्रीम कोर्ट से यह मांग भी की गई है कि वह घोषणा करे कि जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान विभिन्न आधारों पर मनमाना और असंवैधानिक था। यह भारत के संविधान की सर्वोच्चता और 'एक राष्ट्र, एक संविधान, एक राष्ट्रगान और एक राष्ट्रीय ध्वज' की भावना के खिलाफ भी था।
दलील के मुताबकि, 'जम्मू-कश्मीर का संविधान मुख्य रूप से इसलिए अवैध है क्योंकि इसे राष्ट्रपति से अनुमति ही नहीं है, जो कि भारतीय संविधान के मुताबिक अनिवार्य है।' बता दें कि यह याचिका वकील आरडी उपाध्याय ने दाखिल की थी। उनका दावा है कि आर्टिकल 370 को संविधान सभा की मौजूदगी तक ही वैध रखा गया था, जो 26 जनवरी 1950 तक थी।