फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court tells crypto scam accused that it is not some district court where you can play with orders

क्रिप्टो घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी से कहा- हम जिला अदालत नहीं हैं जहां आप आदेशों के साथ खेल सकते हैं

Mon, 18 Apr 2022 07:37 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 18 Apr 2022 07:37 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के वकीस से कहा है  आरोपी को ईडी के साथ जानकारियां साझा करनी होंगी और उसके बाद ही अदालत उनकी बात सुनेगी।

विज्ञापन
Supreme Court tells crypto scam accused that it is not some district court where you can play with orders
Supreme Court - फोटो : PTI (File)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों क्रिप्टोकरेंसी घोटाले के एक आरोपी को आदेश दिया था कि वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ अपना यूजरनेम और पासवर्ड साझा करें। लेकिन, आरोपी ने ऐसा नहीं किया। इस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से संज्ञान लिया और कहा कि हम कोई जिला अदालत नहीं हैं जहां आप आदेशों के साथ खेल सकते हैं। 

विज्ञापन


न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और सूर्यकांत की पीठ ने आरोपी को चेतावनी दी कि अगर उसने अदालत के पूर्व के आदेशों का पालन नहीं किया तो हम उसके खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने याचिका को खारिज कर देंगे। आरोपी अजय भारद्वाज की ओर से वकील पीसी सेन और ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिटिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी पेश हुई थीं। 
विज्ञापन


पीठ ने सेन से पूछा कि हमारे पिछले आदेश के अनुसार आपने अभी तक यूजरनेम और पासवर्ड साझा क्यों नहीं किए हैं? हम आपकी रिट याचिका खारिज कर देंगे अगर आपने आदेशों का पालन नहीं किया। पीठ ने कहा, आपने खुद कहा था कि आप ये जानकारी साझा करेंगे, लेकिन अब आप आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं, यह तीस हजारी अदालत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में सहयोग नहीं कर रहा है आरोपी: ईडी
सुप्रीम कोर्ट ने सेन से कहा कि वह भारद्वाज को यह जानकारी दे दें कि उन्हें ईडी के साथ जानकारियां साझा करनी होंगी और उसके बाद ही अदालत उनकी बात सुनेगी। वहीं, ईडी की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी ने कहा कि आरोपी एजेंसी के साथ सहयोग नहीं कर रहा है और उसने संबंधित जानकारी भी साझा नहीं की है।

आरोपी की ओर से पीठ के सामने वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे भी पेश हुए। उन्होंने कहा कि पुणे पुलिस ने दो क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट के साथ सभी संबंधित दस्तावेज और ईमेल आईडी व पासवर्ड जब्त किए थे। भारद्वाज ईडी के साथ यूजर आईडी और पासवर्ड साझा करने से बच नहीं रहा है लेकिन यह काम उसके वकील के सामने किया जाना चाहिए।

28 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टो घोटाले के एक आरोपी अजय भारद्वाज से अपने बिटकॉइन वॉलेट का यूजरनेम और पासवर्ड ईडी के साथ शाझा करने और उसके खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच में सहयोग करने के लिए कहा था।  25 फरवरी को कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि क्रिप्टोकरेंसी व्यापार की देश में वैधता को लेकर उसका रुख क्या है।

रेरा नियम लागू करने पर केंद्र के सवालों का जवाब दें राज्य सरकारें 
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) (रेरा) अधिनियम 2016 के नियम लागू करने को लेकर केंद्र के सवालों का जवाब देने को कहा है। केंद्र ने मार्च में राज्यों से जानकारी मांगी थी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, केंद्र ने मार्च में सभी राज्यों को पत्र लिखकर उनसे रेरा अधिनियम में बिक्री के नियमों के संबंध में जानकारी मांगी थी। अब तक सिर्फ पांच राज्यों ने ही इसका जवाब दिया है।

सरकार के रेरा कानून के कदम को सुविधाजनक बनाने के लिए हम सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को 15 मई या उससे पहले सभी सवालों के जवाब केंद्र को सौंपने का निर्देश देते हैं। पीठ ने साथ ही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और न्यायमित्र देवाशीष भरुका को राज्यों सभी वांछित जानकारी मिलने के बाद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। इस मामले में अब जुलाई के तीसरे हफ्ते में सुनवाई होगी।

मप्र में ‘बुलडोजर कार्रवाई’ के खिलाफ एक मुस्लिम संगठन पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
मध्य प्रदेश प्रशासन द्वारा रामनवमी समारोह के दौरान दंगे के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के खिलाफ जमीयत उलमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया कि आपराधिक कार्यवाही के तहत बतौर दंड किसी का घर ढहाने जैसी कार्रवाई गैरकानूनी है। कोर्ट से यह निर्देश देने की अपील की गई कि घर या वाणिज्यिक संपत्ति को इस तरह गिराया नहीं जा सकता। कोर्ट से पुलिस कर्मियों को सामुदायिक दंगों जैसी स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने संबंधी आदेश पारित करने की भी मांग की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed