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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court strikes down West Bengal Housing Industry Regulation Act 2017 as unconstitutional

पश्चिम बंगाल सरकार को झटका, RERA के बजाए बनाए गए कानून को SC ने बताया असंवैधानिक

Tue, 04 May 2021 11:56 AM IST
‌डिंपल अलावाधी राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Tue, 04 May 2021 11:56 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल द्वारा रियल एस्टेट क्षेत्र को विनियमित करने के लिए बनाए गए केंद्रीय कानून (रेरा), 2016 के स्थान पर 2017 में पारित किए गए वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्रीज रेगुलेशन एक्ट (हीरा), 2017 को निरस्त कर दिया है।

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Supreme Court strikes down West Bengal Housing Industry Regulation Act 2017 as unconstitutional
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल द्वारा रियल एस्टेट क्षेत्र को विनियमित करने के लिए बनाए गए केंद्रीय कानून (रेरा), 2016 के स्थान पर 2017 में पारित किए गए वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्रीज रेगुलेशन एक्ट (हीरा), 2017 को निरस्त कर दिया है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने पश्चिम बंगाल द्वारा बनाए गए हीरा (कानून) को शून्य और असंवैधानिक करार दिया है।

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पीठ ने अपने आदेश में कहा है, 'यदि संसद ने किसी विषय पर कानून बनाया है, तो राज्य विधानमंडल के लिए समान कानून नहीं बना सकता है। शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट, 2017 को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इसने एक समानांतर तंत्र और शासन का निर्माण किया, जो असंगत है।
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शीर्ष अदालत ने कहा, 'राज्य विधायिका ने समानांतर तंत्र लागू करके संसद की विधायी शक्ति पर अतिक्रमण किया है।' साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि राज्य सरकार का कानून होम बायर्स के हितों की रक्षा करने में असफल रहा है। अदालत ने कहा कि राज्य कानून सीधे तौर पर केंद्रीय कानून के विरुद्ध है। लिहाजा इसे कायम नहीं रखा जा सकता।

एक गैर सरकारी संगठन फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स  ने राज्य कानून की वैधता को चुनौती देते हुए कहा था कि इससे घर खरीदारों को अपूरणीय क्षति हुई है। पश्चिम बंगाल सरकार ने रेरा को लागू करने से इनकार कर दिया था और अपना कानून बनाया था।


हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद-142 के तहत मिले विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा है कि हीरा  कानून के तहत पूर्व में दी गई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को अनुमति और प्रतिबंध उसके फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।

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